सोनौली सीमा पर लगा ट्रको का जाम।
सोनौली। नेपाल में भंसार एजेंट संघ की हड़ताल का असर बार्डर पर दिख रहा है। पिछले पांच दिनों से भारतीय सीमा से ट्रकों को नेपाल बॉर्डर पार करने में एक सप्ताह का समय लग जा रहा है। इससे जाम की समस्या तो हो रही रही है। देर से माल पहुंचने पर किराए बढ़ोतरी होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। ट्रक चालक भी भारतीय सीमा में ट्रक रोककर वक्त गुजारने को विवश हैं। नेपाल से कारोबारियों का फोन प्रत्येक दिन उनके पास आ रहा है। शुक्रवार को 399, शनिवार 287 और रविवार को 367 गाड़ियों को ही नेपाल में प्रवेश मिल सका। सामान्य दिनों में औसतन 700-800 वाहन भारत से नेपाल में प्रवेश करते हैं।
जानकारी के अनुसार, नेपाल में भंसार एजेंट संघ की हड़ताल के बाद सरहद के भारतीय सीमा में करीब 12 किमी का लंबा जाम लग गया है। सीमा पर दो घंटे अतिरिक्त बैरियर खोलने के बाद भी ट्रकों को नेपाल में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। पर्यटक गाड़ियों के कारण सोनौली बॉर्डर पर नेपाल में भारतीय ट्रकों की इंट्री नहीं हो पा रही है। इसके कारण सीमा से करीब 12 किलोमीटर दूर तक नौतनवा बाइपास तक जाम लग गया है। गाड़ियां तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस वजह से सोनौली सीमा से एक लेन पूरी तरह से जाम है। भारत से नेपाल आयात के लिए सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक बीते सोमवार से फंस गए।
जाम के कारण आम आदमी के साथ ही वाहन चालकों की भी दिक्कत बढ़ रही है। बीते बृहस्पतिवार से दो घंटे अतिरिक्त बॉर्डर रात 12 बजे तक खोलने के कारण रात में गाड़ियों को नेपाल में प्रवेश मिल पा रहा है। हड़ताल के दूसरे दिन भंसार एजेंट संघ और शासन में सहमति बन गई थी और एजेंट काम पर लौट आए थे। लेकिन अगले दिन शेष बिंदुओं पर भी सहमति के लिए एजेंट फिर से हड़ताल पर चले गए। कोतवाल अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि नेपाल में ट्रकों के प्रवेश को लेकर रात 12 बजे तक वाहनों को नेपाल भेजा जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों का हो रहा नुकसान : सरहद पर जाम लगने से नेपाल के व्यापारियों के साथ भारत के ट्रांसपोर्टर का भी नुकसान हो रहा है। ट्रांसपोर्ट संचालक जमशेद निवासी राजस्थान ने बताया कि बॉर्डर पर पहुंचने के बाद तीन दिन के अंदर माल खाली होने चाहिए नहीं तो गाड़ी मालिक तीन हजार प्रतिदिन के हिसाब से डिटेन शुल्क लेते हैं।