डिपो की 76 में से सात हैं अनुबंधित, 70 में से आठ बसों की हालत खस्ता
सफर के दौरान यात्रियों को होती है परेशानी, बस की छत से पानी टपकने से भीगते हैं लोग
महराजगंज। महराजगंज डिपो की आठ बसों में इन दिनों यात्रियों की भीग कर सफर करना पड़ रहा है। वित्तीय सत्र 2025-26 में डिपो इन बसों को बदलने की गुहार लगा चुका है लेकिन नए वित्तीय सत्र में अब तक इन्हें बदला नहीं जा सका है। जबकि परिवहन निगम सुरक्षित व आरामदायक यात्रा का दावा करता है।
महराजगंज डिपो के पास कुल 76 बसों का जत्था है इनमें छह अनुबंधित बसें शामिल हैं। शेष 70 बसों में से अधिकतर बसें नई हैं लेकिन इनमें से आठ बसें पुरानी हैं। इन पुरानी बसों की छत में जगह-जगह छेद बन चुके हैं। बारिश का पानी छत से होकर सीट पर बैठे यात्रियों पर टपकता है। जिससे यात्रियों को सफर के दौरान भीगना पड़ता है। गनीमत यह कि डिपो इन बसों को लंबी दूरी की जगह लोकल रूट पर ही संचालित कर रहा है।
यात्रियों की परेशानी
सदर कोतवाली के निकट फलों की दुकान लगाने वाले रमजान ने बताया कि वह चौक के रहने वाले हैं और हर रोज मुख्यालय से चौक आते-जाते हैं। इस रूट पर चलने वाली इकलौती रोडवेज बस पूरी तरह जर्जर है। इन दिनों बारिश हर रोज हो रही है। ऐसे में बस में यात्रा के दौरान बस की छत से पानी टपकने के दौरान यात्री भीगते हैं। संतोष पटेल ने बताया कि पनियरा रूट पर अधिक जर्जर बसों का संचालन किया जाता है। इन बसों की खिड़की से भी पानी बस के भीतर आता है तो यात्रियों को परेशानी होती है। ़
वर्जन
डिपो की आठ बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इनकी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय भेजकर बदलने की डिमांड की गई है। शीघ्र ही इन्हें बदला जाएगा अथवा मरम्मत कराई जाएगी।
- सर्वजीत वर्मा, एआरएम महराजगंज डिपो