महराजगंज। नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। गोरखपुर कैंट से बिहार के वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन का दोहरीकरण होगा। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यूपी, बिहार व पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के लोग भी दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, सहित देश के तमाम हिस्सों की यात्रा करते हैं। एकल रेल ट्रैक होने के चलते अक्सर गाड़ियां लेट हो जाती हैं। 87 किलोमीटर लंबाई में होने वाले दोहरीकरण पर 992 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आने वाले दिनों में इस लाइन पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
जानकारी के अनुसार, नेपाल बाॅर्डर से जोड़ने वाली गोरखपुर-वाल्मीकिनगर-नरकटियागंज रेल मार्ग का दोहरीकरण होगा। वाल्मीकिनगर से मुजफ्फरपुर तक का काम पहले से चल रहा है। गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर तक के हिस्से के दोहरीकरण की मंजूरी मिल गई है। तीन साल में काम पूरा करना है। दोहरीकरण होने से समय की बचत होगी। परियोजना के लिए गंडक नदी पर 854 मीटर लंबा नया पुल बनेगा। इसके अलावा 16 बड़े एवं 38 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस खंड पर कुल 12 रेलवे स्टेशन हैं, जिसमें से गोरखपुर कैंट, उन्नौला, पिपराइच, बोदरवार, कप्तानगंज, घुघली, सिसवा बाजार, खड्डा, पनियहवा एवं वाल्मीकिनगर रोड क्राॅसिंग स्टेशन हैं। इसके अलावा महुअवा खुर्द व गुरली रामगढ़वा हाल्ट स्टेशन हैं। इन सभी स्टेशनों पर नए प्लेटफाॅर्म, फुट ओवरब्रिज, शेड आदि बनेंगे।