दशहरा बाद मुस्तांग में उमड़े पर्यटक, भारतीय सैलानियों से कारोबारियों को उम्मीद
सोनौली। नेपाल के हिमालयी जिले मुस्तांग में दशहरा के बाद पर्यटन कारोबार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है। त्योहार के बाद दो दिनों में 7,846 पर्यटकों के पहुंचने से कारोबारियों को राहत मिली है। अब उनकी निगाहें भारतीय सैलानियों की आवाजाही पर टिकी हैं। मुक्तिनाथ मंदिर समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, रेस्तरां और अन्य कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है।
बाढ़, भूस्खलन और नदी कटान के कारण बेनी-जोमसोम सड़क मार्ग बाधित होने से पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा। भोटेकोशी में बाढ़ और असोज में हुई भारी बारिश के बाद पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं। अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने से कारोबारियों को फिर से उम्मीद जगी है। जिला पुलिस कार्यालय मुस्तांग के सूचना अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक ईश्वर महत के अनुसार, टीका के बाद बृहस्पतिवार को 3,033 और शुक्रवार को 4,813 पर्यटक मुस्तांग पहुंचे। इस तरह दो दिनों में कुल 7,846 स्थानीय, भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने जिले की यात्रा की।
आंकड़ों के मुताबिक, घटस्थापना से विजयादशमी तक 10 दिनों में 5,663 पर्यटक मुस्तांग पहुंचे थे। इनमें 4,409 भारतीय और विदेशी पर्यटक शामिल थे। चालू वर्ष में साउन (जुलाई-अगस्त) में 30,534, भदौ (अगस्त-सितंबर) में 20,268 और असोज (सितंबर-अक्टूबर) में 18,601 पर्यटक मुस्तांग पहुंचे।
मुस्तांग में मुक्तिनाथ मंदिर, लोमान्थांग दरबार, कोरला नाका, झोंग गुफा और ढुम्बा ताल प्रमुख आकर्षण हैं। दीपावली और छठ पर्व की छुट्टियों को देखते हुए पर्यटन कारोबारियों को भारतीय सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सड़क संपर्क बेहतर होने और आवाजाही सामान्य रहने से कारोबार को और गति मिल सकती है।