हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के त्योहार का विशेष महत्व है। इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन रवि योग के साथ वरियान योग भी बनेगा। यह दुर्लभ योग वर्षों बाद बन रहा है। विद्वानों के अनुसार, इस दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ विशेष फलदायी होता है।
ज्योतिर्विद आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते है, तब ये पर्व मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का खास महत्व है। शास्त्र के अनुसार इस दिन कम्बल, सोना, वस्त्र, अन्न आदि दान करने से अनंत फल मिलता है। अमृत योग में मकर संक्रांति होने से इस दिन किया गया दान, स्नान और समस्त धार्मिक कार्य फलदायक रहेंगे। मकर संक्रांति पर सुख और वैभव प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि में मौजूद होंगे। शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ और गुरु भी अपनी स्वराशि मेष में होंगे। वहीं वरियान योग 14 जनवरी को रात 02 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर 15 जनवरी की रात 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा रवि योग 14 जनवरी को सुबह 10 बजकर 22 मिनट से लेकर 15 जनवरी की सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति पर वर्षो बाद बने संयोग से कुछ राशि के लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं।
कौन से राशि के लिए कितना फायदा
आचार्य लोकनाथ तिवारी के अनुसार, मेष राशि के लोगों के लिए इस साल मकर संक्रांति का पर्व बहुत ही लाभकारी और शुभफलदायी सिद्ध होगा। मकर संक्रांति पर सूर्य राशि के 10वें भाव में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि मकर संक्रांति पर बना संयोग सिंह राशि के जातकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। कॅरिअर में अच्छा मान-सम्मान और धन लाभ के संकेत हैं। मीन राशि के लिए मकर संक्रांति बहुत ही लाभकारी साबित हो सकती है। आपको धन लाभ और भाग्य का अच्छा साथ मिल सकता है। कॅरिअर में अच्छी बृद्धि होने की संभावना है।