महराजगंज। जिले में 2530 सहज जनसेवा केंद्र संचालित हैं। यहां हजारों लोग रोजाना खतौनी, जन्म, आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र निकालने के लिए आते हैं।रेट लिस्ट न होने के कारण संचालक लोगों से 20-30 की जगह 60 से 70 रुपये वसूल रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
रविवार को अमर उजाला की टीम की पड़ताल में सहज सेवा केंद्रों की खामियां सामने आईं। संचालक ने आवेदकों से खतौनी के लिए 60 रुपये वसूले। इसी तरह निचलौल क्षेत्र के चार केंद्रों पर भी मनमानी वसूली की जा रही थी। यहां भी रेट लिस्ट नहीं मिला। ई-डिस्ट्रीक मैनेजर के अनुसार, सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने व जरूरी दस्तावेजों को हासिल करने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर न काटना पड़े। इसके मद्देनजर प्रमुख बाजारों व ग्राम पंचायतों में सहज जनसेवा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। यहीं से रोजगार के लिए आवेदन के साथ ही खतौनी, जन्म प्रमाण, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र भी निर्गत किए जाते हैं। हर सुविधा के लिए रेट भी निर्धारित किया गया है।
वहीं विभागीय अधिकारियों की मानें तो लाइसेंस जारी करते समय संचालकों को केंद्र पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। हर सुविधा का शुल्क भी निर्धारित है। इससे ग्राहकों को काफी सहूलियत मिलती है। लेकिन केंद्र संचालन मनमानी कर रहे हैं। 20 से 30 रुपये लेने का नियम है।
इन विभाग से जुड़ी सेवा के लिए आवेदन होते हैं
सहज जनसेवा केंद्रों से जन शिकायत सेवा (आईजीआरएस), राजस्व विभाग, पंचायतीराज विभाग, समाज कल्याण, नगरीय विकास विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, प्रशिक्षण और रोजगार, श्रम विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग, वाणिज्य कर विभाग, धर्मार्थ कार्य विभाग, ऊर्जा विभाग, मनोरंजन कर विभाग, पुलिस विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, स्टांप और पंजीकरण, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, डेयरी विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग, विधिक माप विज्ञान, आबकारी विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, आवास और शहरी नियोजन विभाग, उप्र अग्निशमन विभाग, उप्र मत्स्य विभाग, भूगर्भ जल विभाग, उप्र राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, कृषि विभाग आदि के आवेदन किए जाते हैं।