महराजगंज। तेजी से रफ्तार पकड़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में सस्ते चाइनीज पार्ट्स ने सेंध लगा दी है। बाजार में कम कीमत वाले चीन निर्मित कंपोनेंट की भरमार से स्थानीय ईवी निर्माताओं और स्थानीय उद्यमियों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे मेक इन इंडिया अभियान को भी झटका लग रहा है।
दो पहिया वाहन कारोबार करने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि ईवी की मांग बढ़ते ही कई छोटी कंपनियां और असेंबलर बैटरी, मोटर और कंट्रोलर जैसे महत्वपूर्ण पार्ट्स सीधे चीन से सस्ते दामों पर आयात कर रहे हैं। भारतीय बाजार में इसे लाकर सिर्फ असेंबल करके भारतीय के नाम पर बेचा जा रहा है। इससे लागत तो कम आ रही है लेकिन गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसी कंपनियां जो स्वदेशी तकनीक से पार्ट्स बना रही हैं, वह कीमत के मामले में चीनी प्रोडक्ट से मुकाबला नहीं कर पा रही हैं।
वाहन कारोबारी मुकेश आर्य के मुताबिक, सस्ते चाइनीज पार्ट्स के कारण ई-रिक्शा और ई-स्कूटरों में खराबी और बैटरी में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चार्जिंग के दौरान बैटरी फटने और वाहनों में आग लगने की घटना खराब गुणवत्ता के चलते ही होती है। उन्होंने बताया कि ई रिक्शा विक्रेता अधिक चाइनीज पार्ट्स बिक्री कर रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता खराब होती है।
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