टेलीग्राम से खरीदकर महंगे दामों में बेचते थे अश्लील वीडियो और फोटो
इंटर पास हैं चारों आरोपी, गैंग का मुख्य सरगना था आकाश
महराजगंज। जनपद में ऑनलाइन बाल अश्लील सामग्री के अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी दो वर्षों से बच्चों से जुड़े अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर बेच रहे थे। वह फोटो के लिए 299 और वीडियो के लिए 499 रुपये लेते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी करीब दो वर्षों से टेलीग्राम एप पर सस्ती दर पर खरीदकर महंगे दर बेचते थे। आरोपियों ने फोटो और वीडियो कंटेंट के अलग-अलग रेट तय किए थे। डिजिटल सामग्री की प्रकृति के अनुसार 299 रुपये से लेकर 499 रुपये तक में कंटेंट बेचते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का सरगना कसमरिया गांव निवासी आकाश शर्मा (19) था। पूछताछ में सामने आया कि आकाश सबसे पहले टेलीग्राम एप पर कई एडल्ट ग्रुपों से जुड़ा और वहां से कम कीमत पर डिजिटल सामग्री खरीदकर महंगे दाम पर बेचने लगा। बाद में उसने गांव के ही अरुण गौंड़, अनुज पटेल और दिनेश गौड़ को अपने साथ जोड़ लिया।
इसके बाद चारों ने मिलकर ऑनलाइन कंटेंट बेचने का संगठित नेटवर्क तैयार कर लिया और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गुप्त यूजर आईडी के जरिए ग्राहकों तक अश्लील सामग्री पहुंचाने लगे।
फर्जी आधार कार्ड पर सिम खरीदकर चलाते सोशल मीडिया अकाउंट
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नया सिम लेकर अलग-अलग अकाउंट संचालित किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी इंटरमीडिएट तक पढ़े हैं और इंटरनेट की तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग कर अवैध कमाई कर रहे थे। साइबर थाना प्रभारी सजनू यादव ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध ऑनलाइन अपराधों पर नजर रखने वाली ऑनलाइन क्राइम्स अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रेन प्रणाली तथा गूगल जैसी तकनीकी एजेंसियां इंटरनेट पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करती है। संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट पहले साइबर मुख्यालय भेजी गई, जहां से महराजगंज साइबर थाने को सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और निगरानी के आधार पर कार्रवाई की गई।
बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों की होगी फाॅरेंसिक जांच
सूचना की पुष्टि होने पर साइबर थाना और सिंदुरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कसमरिया गांव में छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, सीपीयू, डेटा केबल, इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड, फर्जी आधार कार्ड तथा आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री से जुड़े स्क्रीनशॉट बरामद किए गए हैं।
पुलिस डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े थे तथा सामग्री कहां-कहां भेजी गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और डिजिटल लेनदेन, बैंक खातों तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस को दे सूचना
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री को न देखें, न डाउनलोड करें और न ही साझा करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें।