महराजगंज। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अबकी बार गर्मी में लोगों को बिजली की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। बिजली भरपूर मिलेगी और गर्मी भी कूल रहेगी। धनेवा-धनेई में डॉ. आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के पास तीन करोड़ तेरह लाख और अंध्या में तीन करोड़ की लागत से विद्युत उपकेंद्र का निर्माण चल रहा है।
निर्माण पूरा होने के बाद 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। शहरी क्षेत्र के आधे हिस्से के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति बेहतर हो जाएगी। धनेवा धनेई में नया विद्युत उपकेंद्र करीब 50 डिस्मिल जमीन पर बन रहा है। पांच एमवीए क्षमता का ट्रांसफाॅर्मर स्थापित किया जाएगा। इस ट्रांसफाॅर्मर की मदद से विद्युत आपूर्ति में पर्याप्त सुधार होगा और उपभोक्ताओं को स्थिर और निर्बाध बिजली मिलेगी। वर्तमान में चहारदीवारी बन चुकी है। छत लगाने के लिए दीवार तैयार हो चुकी है। काम तेजी से कराया जा रहा है। अंदर मिट्टी की भराई हो चुकी है।
मार्च तक यह भी बनकर तैयार हो जाएगा। नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल बिजली सप्लाई में सुधार होगा, बल्कि इससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। व्यवसाय, शिक्षा और अन्य गतिविधियों के लिए निर्बाध बिजली की उपलब्धता से क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा। नए उपकेंद्र का निर्माण तेजी से हो रहा है।
विकास खंड परतावल के ग्राम पंचायत अंध्या में स्थित निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र का कार्य तेजी से चल रहा है। विद्युत उपकेंद्र का कंट्रोल रूम पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है, और इसमें प्लास्टर का काम चल रहा है। इसके साथ ही, उपकेंद्र के चारों ओर की बाउंड्रीवॉल भी पूरी तरह से तैयार हो चुकी है, जिसमें प्लास्टर भी पूरा हो चुका है। अब बाउंड्रीवॉल के भीतर करीब 4 फीट मिट्टी की भराई का काम शुरू हो चुका है।
इसके लिए कुल 1600 ट्राली मिट्टी भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मिट्टी भराई के बाद ट्रांसफाॅर्मर लगाने के लिए फाउंडेशन बनाया जाएगा। इससे विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक सभी उपकरणों और मशीनों की स्थापना की जा सकेगी।
विद्युत उपकेंद्र बनने से क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति में कई समस्याएं आ रही हैं। इनमें ओवरलोडिंग की मुख्य समस्या है। कई बार बिजली गुल हो जाती है और उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस नए विद्युत उपकेंद्र के संचालन में आने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति क्षमता में वृद्धि होगी। इससे ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान होगा और लोगों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति मिल सकेगी। परतावल के एसडीओ वीके जायसवाल ने बताया कि मार्च तक अंध्या में नया सब स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद करीब 22 गांवों की आपूर्ति नए विद्युत उपकेंद्र शुरू हो जाएगी। चारों तरफ बाउंड्रीवाल और कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है। बाउंड्रीवाल के भीतर मिट्टी की भराई शुरू हो गई है।