मदनपुरा गांव में स्थित मार्ग।
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मदनपुरा में टोल प्लाजा बनने में 30 डिस्मिल जमीन आ रही है। भविष्य में आने-जाने के दौरान हर रोज किचकिच होगी। विकास के साथ दुश्वारियां झेलनी पड़ेगी।
-अबरार अहमद, मदनपुरा।
टोल प्लाजा बनने से सबसे ज्यादा छोटे किसानों को समस्या है। मेरी पूरी जमीन ही जा रही है। 35 डिस्मिल जमीन है। इसके अलावा कहीं खेत नहीं है, लेकिन क्या किया जा सकता है।
-सुनील कुमार, मदनपुरा
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भागाटार में ओवरब्रिज बनने से किसानों की कीमती जमीन चली जाएगी। जमीन हाथ से निकल जाने से दोबारा नहीं खरीद पाएंगे। 50 डिस्मिल जमीन ओवरब्रिज में चली जाएगी।
राहुल कन्नौजिया, भागाटार
सड़क के किनारे खेत की जमीन और आवासीय मकान है। ओवरब्रिज बनने में 70 डिस्मिल पुश्तैनी जमीन चली जाएगी। रकम तो मिलेगी, लेकिन इतनी नजदीक जमीन नहीं मिलेगी।
-छोटे गुप्ता, भागाटार।
शहर से लेकर नेपाल बार्डर तक बनने जा रहे फोरलेन पर भागाटार में ओवरब्रिज तो मदनपुरा में टोल प्लाजा बनेगा। आने वाले दिनों में गोरखपुर से नेपाल बार्डर ठूठीबारी तक जाने के लिए दो स्थानों पर टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
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फोरलेन को लेकर इन दिनों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर कोई इस बात को जानने में जुटा है कि कहां क्या बनेगा। एक-एक करके सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जमीनों को चिह्नित कर मुआवजे का निर्धारण कर दिया गया है। एक माह बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मदनपुरा गांव के पास बनने वाले टोल प्लाजा के दायरे में मदनपुरा, सिधावे, खर्चौली, हरदी, रुद्रौली, बरोहिया, पचमा,जमुई पंडित, जगदौर, मिठौरा, बाली, दमकी, खोन्हौली, निचलौल, बरगदवा, ओवरी,परागपुर समेत अन्य गांव आएंगे।