महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के गिरगिटियां निवासी युवक पत्नी से तकरार के बाद फंदे से झूल गया। युवक की दो साल पहले शादी हुई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार की सुबह करीब सात बजे गिरगिटिया गांव के धुसिया टोला निवासी मोहित निषाद (26) का शव बंद कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ मिला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने मोहित निषाद के शव को कुंडी से नीचे उतारकर जमीन पर रखा दिया था। रक्षाबंधन के तीन दिन पूर्व युवक की पत्नी नेहा अपने मायके पीपीगंज क्षेत्र के करमहा में भाईयों को राखी बांधने के लिए गई थी। मंगलवार की रात जब युवक ने पत्नी के मोबाइल पर फोन किया तो उसका मोबाइल व्यस्त था। बार-बार फोन करने पर पत्नी ने फोन उठाया और बोली की अपने रिश्तेदार से बात कर रही हूं। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया था।
युवक की मां रमावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता राम अधीन निषाद ने बताया कि मेरा बेटा गांव में रहकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप लगाने का काम करता था। बहू को बुलाने के लिए रात में अपने मां से बात कर रहा था।
पनियरा थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किन कारणों से युवक की मौत हुई है।
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केस एक
तीन जुलाई 2023 को नगर पंचायत पनियरा के सरदार नगर वार्ड में दो मंजिला मकान के कमरे में दिनेश (21) की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ शव मिला था। मृतक युवक और उसकी भाभी के बीच कुछ कहासुनी हो गई थी।
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केस नंबर दो
चार जून 2023 को पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलटिकरा निवासी ईश्वर (35) का शव गांव के पास वन क्षेत्र के जंगल के सागौन के पेड़ पर रेशम की रस्सी से लटकता हुआ मिला था। कहासुनी के बाद युवक ने फंदा लगाया था।
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केस नंबर तीन
19 मई 2023 को नगर पंचायत पनियरा के रानी लक्ष्मीबाई नगर वार्ड में एक युवती ने कमरे में कुंडे के सहारे गले में रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसमें घरवालों से नोकझोंक के बाद ऐसा कदम उठाया था।
समाज में एक दूसरे को समझने की भावना की कमी हो रही है। आपसी रिश्तों की डोर में बहुत मजबूत नहीं है। जीवन साथी के साथ भरोसा बनाए रखने की जरूरत है। एक-दूसरे को समझाने पर विशेष जोर देना होगा। छोटी-छोटी खामियों के कारण ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। सामाजिक स्थितियों में व्यवहार को समझना चाहिए।
-डाॅ. प्रवीण कुमार मिश्र, समाजशास्त्री
आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं होता। चुनौतियों का सामना कर जीवन में आगे बढ़ना ही बुद्धिमत्ता होती है। जो लोग आत्महत्या करने के लिए सोचते हैं उनमें कुछ लक्षण पहले से ही दिखाई देने लगते हैं। जैसे-उनके बातचीत करने का तौर-तरीका। मूड और व्यवहार में नकारात्मकता झलकती है। यदि कभी इस तरह का विचार किसी के मन में आए तो उसे कुछ पल के लिए विचारों में ठहराव देना चाहिए।
-डॉ. गोपाल सिंह, मनोविज्ञानी