नहरों में पानी नहीं, किसान परेशान
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महराजगंज। जिले के किसानों खरीफ की फसलों की खेती के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मगर नहरों में पानी न आने से किसान परेशान हैं। किसान अब बेहन डालने के लिए निजी संसाधनों का सहारा लेे रहे हैं। उधर, नहरों में पानी तो दूर, कई माननर झाड़-झंखाड़ से पटे हैं। जिससे हर खेत में पानी का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसानों को सब्जी व गन्ने की फसलों को बचाने के लिए सिंचाई पर काफी रकम खर्च करनी करनी पड़ रही है।
कहने के लिए महराजगंज जनपद में करीब 1035 किमी. लंबी छोटी बृड़ी कुल 128 नहरें हैं। जिनकी खरीफ के सीजन में सिंचन क्षमता करीब 66 हजार हेक्टेअर बताई जाती है। मगर नहरों की समुचित सफाई न होने की वजह से डिस्चार्ज घट गया है। इससेे सिंचन क्षमता घटती जा रही है। इसके चलते सभी नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। परिणामस्वरूप किसान फसलों की खेती को लेकर परेशान हैं। इन दिनों जिले में हल्की बारिश होने से कुछ जगहों पर किसानों ने अपने खेतों की जुताई भी शुरू कर दी है। इसी के साथ किसान धान का बेहन डालने में जुट गए हैं। मगर नहरों में पानी न होने की वजह से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसान पंपिंग सेट अथवा बोरिंग के सहारे बेहन डालने तथा सब्जी, मक्का व गन्ने की सिंचाई कर रहे हैं।
बहुत से दूसरे के पंपिंग सेट आदि से महंगे दर पर पानी लेकर बेहन डाल रहे हैं।