निचलौल। भारत नेपाल बाॅर्डर से सटे ठूठीबारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है। ऐसे में सरहदी क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वहीं विभाग के जिम्मेदार इन समस्याओं से बेखबर हैं। इतना ही नहीं, यहां पर इमरजेंसी में भी इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि हर रोज एक डॉक्टर के भरोसे औसतन 130 मरीजों की ओपीडी होती है।
जानकारी के मुताबिक, भारत नेपाल बाॅर्डर से सटे ठूठीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर धर्मौली, सड़कहवा, मरचहवा, आराजी बैरिया, सोबड़ा, रामनगर, राजाबारी, किशुनपुर, बैरियहवा, भरवलिया, माधव नगर तुर्कहिया सहित कई गांवों के करीब 50 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था निर्भर है।