चौक बाजार। वनग्राम के 28 नर्सरी को राजस्व ग्राम का दर्जा मिले पांच वर्ष दो दिन बीत गए, लेकिन अबतक यहां के नौनिहालों के पठन पाठन के लिए सरकार की ओर से एक भी परिषदीय विद्यालय नहीं खोले गए। जिसका नतीजा यह है कि यहां के बच्चे दूसरे ग्राम सभाओं में दूर पढ़ने जाते हैं या फिर निजी विद्यालयों में अधिक शुल्क देकर पढ़ते हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 के पहली जनवरी को वनग्राम में रह रहे वनटांगिया वासियों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया। सुविधाएं भी बढ़ने लगी, लेकिन 28 नर्सरी में अबतक कोई भी परिषदीय विद्यालय नहीं खोला गया। यहां की जनसंख्या करीब तीन हजार हैं। पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब तीन सौ से अधिक है। यहां के बच्चे या तो स्कूल से वंचित है या तो पास के दूसरे गांव में पढ़ने जाते हैं। कुछ अभिभावक चौक बाजार, टीकर समेत अन्य स्थानों पर निजी स्कूलों में मोटी रकम देकर अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजते है। ग्रामीण नुरमोहम्मद, रामफल, रामदरस, इंद्रजीत, ओमप्रकाश, असफाक अहमद, कोदई, जाबिर अली, शैलेन्द्र निषाद का कहना है कि अनेकों बार जिम्मेदारों को समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन किसी ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए गम्भीरता नहीं दिखाई। जिसका नतीजा यह है कि वनटांगिया 28 के बच्चों की पढ़ाई ढंग से नहीं हो पाती है। खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि शासन को समस्या से अवगत कराया गया है। आदेश के आधार पर कार्य किया जाएगा।