कहीं टूटा डस्टबिन तो कहीं लगा कूड़ा
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महराजगंज। नगर में स्वच्छता अभियान की हकीकत की पोल खुल चुकी है। कहीं डस्टबिन टूट गया तो कहीं कूड़े का ढेर लगा है। शहर में सफाई की बदरंग तस्वीर देख हर कोई चौक जाएगा। शहर को साफ सुथरा रखने के दावे सिर्फ होर्डिंग पोस्टर तक सिमट कर रह गए हैं। इससे सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका में 57 संविदा सफाई कर्मी, 22 दैनिक सफाई कर्मी, आठ स्थाई और 55 ठेके पर सफाई कर्मी तैनात हैं। चार ट्रैक्टर, 75 हाथ ठेला समेत अन्य संसाधन उपलब्ध है। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था शहर में दम तोड़ती नजर जा रही है।
शहर में कूड़ा रखने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास सड़क के दूसरी तरफ डस्टबिन टूट कर गिर गया है। कूड़े का ढेर भी जहां-तहां जमा हुआ है। इसके अलावा कई जगह-जगह डस्टबिन टूटकर सड़क के किनारे पड़ा हुआ है। वहीं, कूडे़ भी स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की हवा निकालने को काफी है। लोहिया नगर के रहने वाले गणेश श्रीवास्तव का कहना है कि शहर में मुख्य सड़क के पास सफाई का यह हाल है तो मोहल्लों में तस्वीर और बदतर है। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे और हकीकत में बहुत फासला है। शंभू सिंह यादव कहते हैं कि नगर पालिका प्रशासन सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। राजीव नगर मोहल्ले के रहने आत्माराम गुप्त कहते हैं कि शहर के अंदर जागरूकता के लिए टेंपो से स्वच्छता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लेकिन, नगर पालिका प्रशासन खुद ही इस पर अमल नहीं कर रहा है। हालत यह है कि कूडे़-कचरे जहां-तहां पडे़ हैं। अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र कुमार राव का कहना है कि नगर को स्वच्छ बनाये रखने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। सफाई कर्मियों की टीम तैनात की गई है। सभी मोहल्लों में टीम बनाकर सफाई कर्मी पहुंच रहे हैं। हर रोज लोगों को जागरूक करने के साथ ही बेहतर ढंग से सफाई कराने का प्रयास किया जा रहा है। कहीं डस्टबिन टूटा हुआ है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।