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सच्चे मन से किए गए कर्म का फल मिलता है:रसिक

Tue, 07 Mar 2017 12:12 AM IST
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो
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कथा सुनाते कथा वाचक - फोटो : अमर उजाला
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भगवान प्रेम के भूखे है, हम उनकी आराधना कर उन्हें वर देने के लिए विवश कर सकते है। सतयुग में भी तो तप करने पर प्रभु भक्तों को दर्शन देने के लिए आतुर हो उठते थे। ये बातें रूद्र महायज्ञ के प्रवचनकर्ता राशिक महाराज ने कही। सिसवा के वार्ड नंबर 2 रविदास नगर में आयोजित रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन प्रवचनकर्ता रसिक महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज मनुष्य लोभ, लालच, स्वार्थ में आकंठ डूब कर भगवान को भूल बैठा है। सांसारिक सुख को ही अंत समझ लिया जब की मृत्यु के बाद भी कई जन्म उनके कर्मों के अनुरूप मिलेगा ये भूल चुका है। प्रभु तो प्रेम के भूखे है। उनकी आराधना कर के कोई भी प्रभु को प्राप्त कर सकता है। मनुष्य अपने बुरे कर्मों के कारण दु:ख पाता है परंतु दोष भगवान पर मढ़ता है कि भगवान उसके साथ अन्याय किया है। परंतु प्रभु के नजर में तो सभी एक सामान है। भगवान किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। अब मनुष्य पर निर्भर है कि वह भगवान को अपने प्रेम से मोहित कर अपने मुरादों को पूरा कैसे करा लेता है।
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इस रूद्र महायज्ञ में सायंकाल में अयोध्या मिथला धाम से जय हनुमान आदर्श रामलीला मंडली द्वारा पुष्पवाटिका में सीता मइया और प्रभु राम के मिलन के अंश का मंचन किया गया। इस दौरान सांप्रदायिक सौहार्द का मिशाल प्रस्तुत करते हुए नगर के नौका टोला निवासी अब्दुल मन्नान ने श्री राम के भूमिका का अभिनय करने वाले कलाकार को माला पहना कर स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजनकर्ता गुड्डू मिश्रा, भवानी शंकर मिश्रा, रामनारायण, संजीव कुमार, अशोक कुमार, धर्मेंद्र, विवेक, देवी प्रसाद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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