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Maharajganj News: नेपाल में बाढ़ की खबर से फिर सहमे दियारा के लोग, अलर्ट पर प्रशासन

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निचलौल। नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ की सूचना ने महराजगंज के सोहगीबरवा दियारा क्षेत्र के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कुछ दिन पहले ही नारायणी नदी की बाढ़ से घर-बार डूबने और छतों पर दिन-रात गुजारने की पीड़ा झेल चुके ग्रामीणों के सामने एक बार फिर संकट की आशंका खड़ी हो गई है।
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हालांकि, भारतीय क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य है लेकिन बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। प्रभावित गांवों में तैनात टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।
बीते 26 सितंबर को गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र के गांव जलमग्न हो गए थे। ग्रामीणों को घरों की छतों पर त्रिपाल के सहारे समय बिताना पड़ा था। प्रशासन और विभिन्न विभागों की टीमों ने लगातार अभियान चलाकर प्रभावित गांवों में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी ग्रामीणों की दुश्वारियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में नेपाल में फिर बाढ़ की सूचना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
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नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुबरी क्षेत्र में भूस्खलन से बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह बाधित होने की सूचना के मद्देनजर कुशीनगर प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पवन कुमार ने संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर, वाल्मीकिनगर बैराज से पानी के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खड्डा और तमकुहीराज तहसील सहित संबंधित विभागों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
रविवार शाम छह बजे गंडक बैराज से 42,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई। प्रशासन के अनुसार फिलहाल यह सामान्य स्थिति है। वहीं, सोशल मीडिया पर नेपाल में अचानक बाढ़ आने की खबरें प्रसारित होने के बाद दियारा क्षेत्र के लोग नदी के जलस्तर को लेकर चिंतित हैं।
शिकारपुर के प्रधान लल्लन यादव ने कहा कि ग्रामीण अभी पिछली बाढ़ की तबाही से उबर भी नहीं पाए हैं कि फिर अलर्ट की सूचना मिल गई। वहीं, वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी की जनहानि नहीं हुई लेकिन पशुओं की मौत से ग्रामीणों को काफी परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सक्रियता से प्रभावित गांवों में हालात संभले हैं लेकिन बाढ़ की आशंका से लोग फिर सहमे हुए हैं।

बोले अधिकारीनेपाल में बाढ़ की सूचना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा में लगी टीमें अभी भी सोहगीबरवा में मौजूद हैं। किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी की गई है। फिलहाल भारतीय क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
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अवनीश त्रिपाठी, एसडीएम
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