लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के ग्राम पंचायत विशुनपुर कुर्थिया में भट्ठे पर कार्य कर रहे मजदूर पर हमला करने वाले तेंदुए का दूसरे दिन भी पता नहीं चला। इससे आसपास के गांव के लोग दहशत में हैं। दिन ढलने के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं वन विभाग की टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही है।
ग्राम पंचायत एकमा, मल्हनी फुलवरिया, विशुनपुर कुर्थिया, भगवानपुर, बसंतपुर, बरगदवा, मठियाईदु, मानिक तालाब, रानीपुर, रघुनाथपुर, महेशपुर महेडिया, गौहरपुर, विशुनपुर फुलवरिया, रुदलापुर आदि गांवों के लोग तेंदुए से दहशत में हैं। पिछले कई दिनों से इन गांवों के आसपास तेंदुए को देखा जा रहा है, लेकिन वन विभाग की टीम इसे पकड़ने में नाकामयाब साबित हो रही है।
पुरंदरपुर क्षेत्र के विशुनपुर कुर्थिया में बुधवार को ईंट भट्ठे पर काम के दौरान तेंदुए ने हमला कर दिया था, जिससे वह घायल हो गया था। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत विशुनपुर कुर्थिया के ग्राम प्रधान अरशद, लक्ष्मीपुर एकमा के ग्राम प्रधान सरकार गोल्डी सिंह, पैसिया ललाईन के ग्राम प्रधान बलिराज यादव, महेशपुर महेडिया के ग्राम प्रधान शमशेर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से तेंदुए के दहशत से लोग परेशान हैं।
इसके पहले लक्ष्मीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर तेंदुए को देखा गया था। सूचना पर वन विभाग की टीम नहीं पहुंची थी। इसी तरह ग्राम पंचायत रुद्रपुर शिवनाथ में तीन दिन पहले रात में तेंदुए और सावक को टहलते देखा गया था।
एकमा के मनोज कन्नौजिया, अवधेश पांडेय, कन्हैया लाल, दुर्गा शंकर कन्नौजिया ने बताया कि तेंदुए का दहशत इतना ज्यादा हो गया है कि सायं को किसी भी घर से निकलने में डर लग रहा है। तेंदुए की डर वह लोग सुबह टहलना बंद कर दिए हैं।
रेंजर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि सूचना पाकर वन कर्मियों के साथ वह स्वयं विभिन्न स्थानों पर तेंदुए की तलाश में लगे हुए हैं, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है।