महराजगंज। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को कर्मचारियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। साथ ही पेेंशन बहाली के लिए आवाज बुलंद की। मंच ने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
धरने को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष-2004 तथा प्रदेश सरकार ने वर्ष-2005 से कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था छीन कर दोहरा चरित्र उजाकर कर दिया है। वर्ष-2005 से ही कर्मचारी पेंशन व्यवस्था को पुन: लागू करने की मांग कर रहे हैं, मगर सरकार अनसुना कर रही है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार सांसदों व विधायकों को पेंशन दे रही है, मगर कर्मचारियों व शिक्षकों को पेंशन के लाभ से वंचित कर रही है। बहाली मंच के कमलेश सिंह ने कहा कि वर्ष-2014 के लोकसभा चुनाव में जब राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने चुनाव में नोटा का प्रयोग करने का एलान किया था तो केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई सांसदों ने पुरानी पेेंशन का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री से सिफारिश करने का आश्वासन दिया था, मगर आज तक कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। परिषद के जिला संयोजक घनश्याम पांडेय ने कहा कि अगर सरकार ने पेंशन की घोषणा नहीं की तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। मंच के कोषाध्यक्ष मनौवर अली, अमीन संघ के जिलाध्यक्ष जगजीवन पटेल, सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रदुम्र सिंह ने कहा कि अगर अविलंब पेंशन बहाली का आदेश निर्गत नहीं किया गया तो कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बृजभूषण पटेल, अखिलेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि सभी कर्मचारियों को पेंशन बहाली को लेकर एकजुट रहना होगा। कौशल किशोर चौबे, महाविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार श्रीवास्तव, मंत्री प्रणव गौतम, उमेश शाही ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली नहीं हो जाती है तब तक संघर्ष जारी रहेगा।