महराजगंज। दिवाली के मद्देनजर सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में उल्लुओं की विशेष निगरानी शुरू की जा रही है। तांत्रिक क्रियाओं में उल्लुओं की बलि की कुप्रथा के कारण हर साल दिवाली के आसपास इनके शिकार और तस्करी के मामले बढ़ जाते हैं। इसे रोकने के लिए डीएफओ ने इस बार पहले से ही तैयारी कर ली है।
दशहरा पर्व के बाद 13 विशेष टीमों को शिफ्ट-वार निगरानी में लगाया जाएगा। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह प्रवासी और दुर्लभ पक्षियों की पनाहगाह बना हुआ है। यहां दुर्लभ व्हाइट आई बजर्ड सहित उल्लू की कई प्रजातियां पाई जाती हैं।