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Maharajganj News: बनने की मियाद हुई पूरी, सड़क अब भी आधी-अधूरी

Wed, 10 May 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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चौपरियां गांव में सड़क पर बिछाई गई गिट्टी।संवाद
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सालभर में पूरी नहीं हो सकी चौपरिया जाने वाली आठ किमी लंबी सड़क, बीच में गिट्टियां गिराकर छोड़ दिया, राहगीरों को हो रही परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर में फरेंदा रोड से आगे बढ़ने पर चौपरिया टैक्सी स्टैंड है। यहां से चंद कदम की दूरी पर एक सड़क चौपरिया की तरफ जा रही है। मोड़ पर सड़क के किनारे गिट्टियों की ढेर दिखेगा। कार्य से संबंधित बोर्ड लगा है। बोर्ड पर पूरा विवरण अंकित है। सड़क की दूसरी ओर से कुछ दुकानें हैं। यह सड़क जंगल फर्जंदली गांव जाती है। लोगों का हमेशा आना-जाना लगा रहता है। मार्ग पर बिखरीं गिट्टियों और कार्य की गति देख लोग कहते हैं कि यहां तो महराज जी की न सख्ती दिखती है, न कार्य में तेजी।
चौपरिया गांव शहर का हिस्सा बन चुका है। इस गांव से होकर आठ किमी लंबी सड़क जंगल फर्जंदली की ओर जाती है। सड़क निर्माण के लिए पिछले साल बजट मिला तो काम शुरू हुआ, लेकिन निर्माण में तेजी नहीं दिखाई गई। इस वजह से तय समय में काम पूरा नहीं हो सका। इस सड़क पर कई स्थानों पर गिट्टियां गिराई गई हैं। गांव में कुछ दूरी तक सीसी रोड है। आगे बढ़ने पर करीब 200 मीटर गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। इस रास्ते से होकर आ रहे राजेंद्र तिवारी ने बताया कि गिट्टी गिराकर छोड़ देने से अक्सर राहगीर गिरकर घायल होते रहते हैं।
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आसपास के लोगों का आरोप है कि सड़क सुस्त गति बन रही है। पता नहीं कब तक बनकर तैयार होगी। गांव के पोखरी के पास सड़क ठीक हालत में नहीं है। इस रास्ते से छह से अधिक गांवों के लोग आते-जाते हैं। देर रात तक इस सड़क पर आवागमन होता है। करीब 20 हजार की आबादी सड़क नहीं बनने से प्रभावित हो रही है।
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448.20 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क
चौपरिया से जंगल फर्जंदली तक जाने वाली सड़क के निर्माण की लागत 448.20 लाख रुपये है। 29 अप्रैल 2022 में सड़क बननी शुरू हुई। इसे 28 अप्रैल 2023 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए। काम की गति बेहद सुस्त होने के कारण समय सीमा बीत चुका है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कार्यदायी संस्था है। इस मार्ग से बड़हरा रानी, लुकपुरवा, लखिमा, अहमदपुर, जंगल फर्जांदली सहित अन्य गांवों के लोग आते-जाते हैं। प्रत्येक दिन करीब एक हजार से लोग इस सड़क से गुजरते हैं। रास्ता ठीक नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग इस मार्ग से जाने से परहेज करने लगे हैं।
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केस नंबर एक
सड़क पर बड़ी-बड़ी गिट्टियां बिखरीं होने के कारण अहमदपुर के कौशलेंद्र बीते सप्ताह गिरकर घायल हो गए। हल्की चोट लगने के कारण जल्दी ठीक हो गए। बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई थी।
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केस नंबर दो
लखिमा के सुरेश साइकिल से चार दिन पहले आ रहे थे। उन्होंने बताया कि रात में अंधेरा होने के कारण दिखा नहीं तो साइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। पैर में चोट लगी। अब दर्द कम हो गया है।
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बातचीत
सरकार के दावे और हकीकत में अंतर है। सड़क बनने में बेवजह की देरी हो रही है। आने-जाने के दौरान अक्सर लोग गिट्टी पर गिरकर घायल होते रहते हैं। एक साल में भी सड़क नहीं बन सकी।
सादिक अली, सरडीहा, राहगीर
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सड़क निर्माण की तय अवधि बीत चुकी है। बोर्ड पर अंकित तिथि देखने से यह जानकारी मिली है। सड़क जल्दी बनाने के दावे फाइलों में पूरे दिख रहे हैं। हकीकत में लोग परेशान है। अधिकारी आराम फरमा रहे हैं।
मोनू चौपरिया, राहगीर
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सड़क ठीक रहती तो समस्या नहीं होती है। सरकार जनता के हित के लिए काम कर रही है, लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इस वजह से काम में देरी हो रही है।
अभिषेक पांडेय, व्यापारी
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सड़क नहीं बनने के कारण बाइक अक्सर खराब हो जाती है। खराब सड़क की वजह से दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। समस्याअें को दूर करने में गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
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मनीष कुमार, व्यापारी
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कोट
सड़क निर्माण में कोई लापरवाही नहीं हो रही है। दो माह के अंदर सड़क के छूटे हुए हिस्सों का काम पूरा करा दिया जाएगा। सड़क का अधिकतर हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है।
केएस प्रताप, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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