सोनौली सीमा पर जाम में फंसे ट्रक।
जाम के कारण आधी रात तक नेपाल में ट्रकों को कराया गया प्रवेश
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर मालवाहक ट्रकों की लंबी कतार कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सीमा के इस पार से लेकर उस पर तक के अधिकारियों की बीच हुई हर कवायद का प्रभावी असर नहीं दिख रहा है। जाम में फंसे ट्रक चालक काफी परेशान हैं।
जानकारी के अनुसार, नो-मैन्स लैंड से लेकर भारतीय सीमा में करीब 10 किलोमीटर नौतनवा छपवा बाईपास तक एक लेन में ट्रक खड़े रहने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। हालांकि मंगलवार की रात सीमा को देर रात 12 बजे तक खोलकर ट्रकों की निकासी कराई गई थी। लेकिन इसके बावजूद जाम की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका।
बुधवार को भी मालवाहक ट्रकों के संचालन का निर्माण स्थानीय एजेंसियों ने लिया है। सीमा पर सैकड़ों मालवाहक ट्रक नेपाल में प्रवेश की प्रतीक्षा में खड़े हैं। ट्रक चालकों को कई दिनों से सड़क पर ही समय बिताना पड़ रहा है। भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार इंतजार के कारण डीजल की खपत बढ़ने और समय पर माल की डिलीवरी नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों व व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे हालात पहले भी सीमा पर व्यापारिक प्रक्रियाओं और भंसार में ट्रको को खड़ा करने संबंधी कारणों से देखने को मिले हैं।
ट्रकों की लंबी कतार के कारण सीमा क्षेत्र में स्थानीय लोगों और नेपाल आने-जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतें हो रही हैं। एनएच 24 सोनौली गोरखपुर सड़क निर्माण के कारण कई स्थानों पर सड़क संकरी होने से छोटे वाहन भी जाम में फंस रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ट्रकों की निकासी तेज कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने की मांग की है। सीमा पर तैनात प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां ट्रकों की निकासी में जुटी हैं, लेकिन नेपाल की ओर से सीमित संख्या में वाहनों के प्रवेश के कारण जाम पूरी तरह समाप्त नहीं हो पा रहा है। यदि निकासी की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में ट्रकों की कतार और लंबी होने की आशंका है।
कोतवाल सोनौली महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि भारतीय सीमा में जाम को लेकर नेपाल भंसार अधिकारियों से वार्ता किया गया है। जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।