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भूमि पैमाइश की आदेश प्रति लिए धक्के खा रहे वादी

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भूमि की पैमाइश के आदेश की प्रति लेकर धक्के खा रहे वादी
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कई वादों में न रिपोर्ट लगी न ही फील्ड बुक किया गया प्रस्तुत
नौतनवां। भूमि की पैमाइश कराने के लिए एसडीएम न्यायालय में वाद दाखिल करने वाले दर्जनों वादी धारा 24 के तहत पैमाइश का आदेश होने के बावजूद कई साल से धक्के खा रहे हैं। एसडीएम दिनेश कुमार मिश्रा ने नोटिस जारी कर 15 दिनों के अंदर मामलों का निस्तारण कर मामले की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिया, लेकिन इसका भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
अधिवक्ता अमित सिंह ने बताया कि एसडीएम न्यायालय से भूमि पैमाइश का आदेश मिलने के बावजूद कानूनगो एवं लेखपाल नि:शुल्क पैमाइश न करनी पड़े इसके लिए तारीख पर तारीख देकर टालमटोल करते हैं। भूचित्र दुरुस्त न होने, भू चित्र व खतौनी के क्षेत्रफल में अंतर होने, वादी की भूमि आबादी के निकट होने, भूमि मिलजुमला होने सहित तमाम तरह के कागज न होने की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जाती है। रिपोर्ट के आधार पर वादी के दावे खारिज हो जाते हैं। इसके बाद वादी को फिर से भूमि पैमाइश कराने के लिए न्यायालय में वाद दाखिल करना पड़ता है। फिर से सीमांकन शुल्क एक हजार रुपये तथा न्यायालय की पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने में आर्थिक क्षति के साथ समय की बर्बादी होती है।
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साल 2019 से 2022 के बीच लंबित हैं सौ से अधिक मामले
क्षेत्र के झिंगटी निवासी पशुपति के वाद में बीते 5 मार्च 2021 को भूमि पैमाइश का आदेश हुआ था। इसमें कानूनगो की ओर से भू चित्र दुरुस्त न होने की रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया गया। रामजनम निवासी कुंसेरी उर्फ विशुनपुरा के वाद में 4 जुलाई 2020 को भूमि पैमाइश के लिए आदेश हुआ। इसमें भी कानूनगो की ओर से भू चित्र एवं खतौनी के क्षेत्रफल में अंतर होने का हवाला देते हुए भूमि पैमाइश संभव न होने की रिपोर्ट लगा दी। परदेशी, मुराती, संजीव कुमार, रवि प्रताप, रुकमणी, विद्या देवी, रीता, प्रदुम्न, शंभू, सत्या देवी, मोहम्मद नासिर, भोला, इसरावती सहित 2019 से 2022 के बीच लगभग सौ से अधिक ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें आदेश के बावजूद कानूनगो द्वारा आज तक कोई रिपोर्ट या फील्ड बुक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई।
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आदेश के बाद भी भूमि पैमाइश न होने के कारण जिनके वाद लंबित पड़े हैं, उनकी सूची बनी है। संबंधित कानूनगो को मामलों का निस्तारण कर आख्या देने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि लापरवाही की जा रही है तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी
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