निचलौल। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बने अंत्येष्टि स्थलों की इंजीनियरों की टीम सर्वे पूरा कर चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही बदहाल अंत्येष्टि स्थलों की विकास व समुचित रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी। अधिकांश गांवों में बने अंत्येष्टि स्थल बदहाल हैं।
हालत यह है कि शवदाह के लिए बने प्लेटफार्म के ऊपर शेड तक नहीं है, जिससे बारिश के दिनों में शव दहन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाउंड्रीवाल न होने की वजह से क्षेत्र के बेसहारा जानवरों का अंत्येष्टि स्थलों पर जमावड़ा रहता है। कहीं-कहीं पानी की भी व्यवस्था नहीं है, लेकिन, अब उच्चाधिकारियों ने अंत्येष्टि स्थलों की सुध ली है। ऐसे में अंत्येष्टि स्थलों की सुधार करने के लिए इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंच स्थलीय सर्वे कर पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली है।
सहायक खंड विकास अधिकारी विनय पांडेय ने बताया की ब्लॉक क्षेत्र के कुल 108 गांव है। इनमें मोजरी, बोदना, बलहिखोर, सडा खुर्द, भेड़िया, कोल्हुआ, रामनगर, किशुनपुर, बहुआर कला और रौतार में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य वर्षों पहले पूरा हो चुका है। जबकि गेडहवा में अभी अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण हो चुके कुछ अंत्येष्टि स्थल बदहाल हो चुके थे। जिन्हें सुधार करते हुए वहां की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इंजीनियर प्रशांत कुमार और दिव्यांजली सिंह की ओर से स्थलीय सर्वे किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर 15 दिनों के अंदर अंत्येष्टि स्थलों की मरम्मत कराने के साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करा लिया जाएगा।