प्राचीन शिव मंदिर कटहरा, पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया, बड़हरा में दिन पर लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता, सावन के अंतिम सोमवार को शिवमंदिरों पर लगा मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सावन के अंतिम सोमवार को नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ जलाभिषेक किया। बेलपत्र, फल, पुष्प आदि चढ़ाए। धूप, चंदन, कपूर, अगरबत्ती से पूजन-अर्चन किया और भगवान शिव की आरती उतारी। शिवालयों से लेकर घरों तक दिन भर श्रद्धा की बयार बहती रही। लोगों ने रुद्राभिषेक कराया।
सोमवार को भोर में चार बजे से ही शहर के सिंचाई कालोनी स्थित प्राचीन भोलेनाथ मंदिर, इटहिया में पंचमुखी शिव मंदिर, कटहरा शिव मंदिर, नौतनवां में झारखंडी मंदिर, दोमुहाना घाट मंदिर, बेलहिया शिव मंदिर, बड़हरामीर के शिव मंदिर समेत सभी छोटे-बड़े मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। हर-हर महादेव, बोल बम व ऊं नम: शिवाय के जयघोष के बीच महादेव को जलाभिषेक किया। बेलपत्र, पुष्प, भांग, धतूर, पुष्प चढ़ाए और मन्नतें मांगी। धूप-अगरबत्ती व चंदन की सुगंध से वातावरण महक उठा। पूर्वाचल में मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध ईटहिया में सोमवार को पंचमुखी शिवमंदिर पर हजारों लोगों ने जलाभिषेक किया। परिसर स्थित विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भीड़ को देखते हुए प्रशासन के तरफ से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। नौतनवां कस्बे में स्थित प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ भोर से ही उमड़नी शुरू हो गई। शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ बेल पत्र, भांग, धतूर, पुष्प, फल व अन्य सामग्री चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने सुख व समृद्धि का भगवान शिव से आशीष मांगा। फरेंदा क्षेत्र के गोपालापुर शाह में स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मान्यता है कि भोलेनाथ के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। प्रगटेश्वर नाथ में जलाभिषेक व रूद्राभिषेक दिन भर हुआ। जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचने वाले कांवरिया संघ लोग विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। गेरुआ परिधान व बोल बम के नारों के साथ कांवरिया संघ नेपाल राष्ट्र के नवलपरासी जिले के त्रिवेणी धाम पहुंचकर नारायणी नदी से जल लाकर सोमवार भोर में ही जलाभिषेक किया।
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कटहरा शिव मंदिर पर हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
प्राचीन शिव मंदिर कटहरा में सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जलाभिषेक किया। वहीं श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और रुद्राभिषेक कराया। शिवमंदिर परिसर में सुबह से शाम तक मेला लगा रहा। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद लिया। प्रसाद खरीदे और घरों को लौट गए। मेला व्यवस्थापक कमलेश सिंह ने बताया कि सावन महीने के अंतिम सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक का आशीष मांगा। इस दौरान मंदिर के संरक्षक मिथिलेश सिंह, चौकी प्रभारी मनीष कुमार तिवारी, लेखपाल सुनील यादव आदि मौजूद रहे।
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