महराजगंज। इंडो-नेपाल सीमा से पकड़े गए ब्रिटिश नागरिक जार्डन के मामले में मंगलवार को सीजेएम अदालत ने आरोप तय कर दिए। तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी के दौरान जार्डन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। उसने मुकदमे का सामना करने की बात कही। अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाही के लिए तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी।
मंगलवार दोपहर 2:30 बजे जार्डन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेशी हुई। सीजेएम ने उसे चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की जानकारी दी और पूछा कि क्या वह अपना दोष स्वीकार करता है या मुकदमे का सामना करना चाहता है। अधिवक्ता डिफेंस काउंसिल आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि जार्डन ने दोष स्वीकार करने से इन्कार करते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही। इसके बाद अदालत ने आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में आरोप तय किए।
11 जुलाई को इंडो-नेपाल सीमा से पकड़ा गया था
जार्डन को 11 जुलाई को महराजगंज के सोनौली क्षेत्र में इंडो-नेपाल सीमा से पकड़ा गया था। सोनौली पुलिस ने उसके खिलाफ आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच पूरी होने के बाद पिछले महीने सीजेएम न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद से मामले की नियमित सुनवाई नहीं हो पा रही थी। कभी मजिस्ट्रेट के अवकाश पर रहने तो कभी तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी नहीं हो पाने के कारण सुनवाई टलती रही। पिछली तारीख पर भी तकनीकी कारणों से जार्डन की पेशी नहीं हो सकी थी।
अदालत ने आरोपपत्र के आधार पर आरोप तय किए हैं। अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को निर्धारित की गई है। इस तारीख पर अभियोजन पक्ष की गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
— आशुतोष पांडेय, लीगल डिफेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण