चिउरहा मार्ग पर बजबजाता बड़ा नाला।
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महराजगंज। नगर में बजबजाते नाले और जहां-तहां पडे कूडे़ कचरे से संक्रामक रोग की चपेट में आने की आशंका प्रबल हो गई है। करीब 10 बडे़ नाले ऐसे हैं, जिनकी सफाई नहीं हुई है। नाले में कूड़े-कचरे का ढेर लगा है। नगर की आबादी 38205 है जबकि 26520 वोटर हैं। 25 वार्डों में मुहल्लों में सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि नालों की सफाई शुरू करा दी गई है। वहीं डेंगू, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से ग्रसित होने की आशंका से शहरवासी परेशान हैं।
तापमान बढ़ने के साथ जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है। गंदगी से बजबजाते नाले-नालियों और कचरे मच्छरों को बढ़ावा दे रहे हैं। मार्च का अभी दूसरा सप्ताह चल रहा है। लेकिन मच्छरों की संख्या में इजाफा होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मच्छरों की वजह से लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। शहर में गंदगी का यह हाल तब है, जब शहर में हर साल सफाई पर करीब 15 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। नगर में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने का नाला कूड़ों से भरा है। वहीं चिउरहां रोड पर नाले में कूड़ा जमा है। साथ ही नाले के किनारे का कूड़ा भी नहीं उठाया गया है। यही फरेंदा रोड के नाले का हाल है। यहां रोड के दोनों किनारों पर नाले पर कूड़े का अंबार लगा है। इसी तरह नगर में अन्य स्थानों पर नालों का हाल है। करीब 38205 की आबादी वाले शहर की सीमाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग अब शहर में अप मकान बनवा रहे हैं। इस कारण धनेवा धनेई के आगे सक्सेना चौराहे तक, महुआवां से जिला मुख्यालय की ओर और रमपुरवां से हनुमान गढ़ी तक शहरी क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। सीमा विस्तार न होने से अभी तक नगर पलिका अपनी सीमा के अंदर ही जिम्मेदारी संभाले है।