बादलों की आवाजाही के कारण धुंध में घिरी रही आबोहवा
सुबह नौ बजे से चलने लगी पछुआ हवा ने कराया गलन का अहसास
महराजगंज। दिसम्बर के शुरू होते ही मौसम का बदलाव दिखने लगा है। तापमान के ठिठके होने के बाद भी पछुआ हवा के झोंकों ने गलन भरी ठंड का एहसास कराया। पूरे दिन बादलों की आवाजाही के कारण आबोहवा पर धुंध का प्रभाव बना रहा। सड़क पर फर्राटा भरने वाले बाइक सवार विपरीत मौसम के कारण संभल कर चलते दिखे।
मंगलवार की सुबह कोहरे का घनत्व कम रहने के कारण धूप तो समय से खिली। सुबह 9 बजे से शुरू हुई छह किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ ने गलन भरी ठंड को महसूस कराया। इस बीच बादलों की आवाजाही शुरू होने के कारण दोपहर बाद धुंध का प्रभाव गहराता गया। अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम 12 डिग्री रिकार्ड किया गया। बढ़ती ठंड के चलते लोग ऊनी शाल व स्वेटर या जैकेट पहन कर ही बाहर निकलने का साहस जुटा सके।
कृषि विभाग के मुताबिक गेहूं के लिए मौसम मुफीद
कृषि विभाग मौसम को गेहूं के लिए बेहतर बता रहा लेकिन को धूप भी जरूरी मान रहा है। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में 1.45 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोआई हुई है। गेहूं उत्पादन के लिहाज से मौसम अनुकूल है। गेहूं का विकास कोहरा भरे मौसम में तेजी से होता है, लेकिन कोहरे के साथ धूप खिलती रहनी चाहिए।
वर्जन
पछुआ हवा की गति बढ़ने के कारण ठंड बढ़ी है। पारा और नीचे जाने का अनुमान है। कोहरे में वृद्धि के कारण दृश्यता पर भी प्रभाव पड़ेगा। हवा अगर 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ती है तो शीतलहर की संभावना बनेगी।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र।