पूर्व सांसद अखिलेश सिंह को प्राथमिक शिक्षकों ने ज्ञापन दिया।
केंद्र की भाजपा सरकार किसानों और मध्यम वर्गीय लोगों को धोखा देने का काम कर रही है। 2022 तक किसानों की माली हालत में सुधार की बात कह रही है लेकिन अपने कार्यकाल के तीनों आम बजट में सिर्फ लालीपॉप ही दिया है। यह कहना है पूर्व सांसद अखिलेश सिंह का। अखिलेश सिंह रविवार को संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व सांसद ने कहा कि पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान किसानों से वादा किया था कि वह लागत का डेढ़ गुना मूल्य किसानों को देंगे। किसानों के उपज के समर्थन मूल्य में कितनी बढ़ोत्तरी की, 24 घंटे बिजली देने के लिए कितीन उत्पादन इकाइयों की आधार शिला रखी तथा बाढ़ की विभीषिका से बचाव और जल प्रबंधन पर कितनी नहर परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, किसान विकास पत्र एवं लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाकर सरकार किसे लाभ पहुंचाना चाहती है इन बिंदुओं को स्पष्ट करना होगा।
अखिलेश सिंह ने उत्तर प्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए सीएम अखिलेश यादव द्वारा कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु योजना और माइक्रो कामधेनु योजना पर निशाना साधा। कहा कि ऋण उपलब्धता के साथ बीमा होना जरूरी है। मुख्यमंत्री यदि ऋण पर पांच वर्षों तक ब्याज कर अदायगी करते तो प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के साथ हरितक्रांति को बढ़ावा मिलती।