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Maharajganj News: बुझा गैस का चूल्हा...लकड़ी पर पक रहा मध्याह्न भोजन

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फरेंदा बुजुर्ग में लकड़ी पर बन रहा मध्यान्ह भोजन। 
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बीईओ का आदेश भी बेअसर, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
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गैस सिलिंडर के अभाव में परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था प्रभावित
बीईओ के आदेश के बावजूद एजेंसियों से शिक्षकों को नहीं मिल पा रहा गैस सिलिंडर
फरेंदा। ईरान-अमेरिका के युद्ध के बाद क्षेत्र में रसोई गैस सिलिंडर के लिए मारामारी मची हुई है। लोग रात से ही एजेंसी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जा रहे हैं। वहीं गैस सिलिंडर के अभाव में परिषदीय विद्यालयों में इन दिनों मध्याह्न भोजन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
रसोई गैस सिलिंडर की कमी के चलते कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन लकड़ी जलाकर पकाया जा रहा है, जिससे व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कंपोजिट विद्यालय फरेंदा बुजुर्ग के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार का कहना है कि समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण मजबूरी में चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनवाना पड़ रहा है। लकड़ी से भोजन बनाने में अधिक समय लगता है, इससे बच्चों को भोजन मिलने में देरी हो रही है। साथ ही धुएं के कारण रसोइयों को भी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। खंड शिक्षाधिकारी से पत्र जारी होने के बाद भी एजेंसी से सिलिंडर नहीं मिल रहा है। सिलिंडर के लिए शिक्षक एजेंसी पर पहुंच रहे हैं तो उनको नियम-कानून बता कर वापस भेज दिया जा रहा है।
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प्राथमिक विद्यालय हरदत्तपुर प्रधानाध्यापक सरोज ने बताया कि गैस सिलिंडर के अभाव में चूल्हे व लकड़ी पर मध्याह्न भोजन पकाया जा रहा है। लकड़ी की समस्या भी बनी हुई है। वहीं कंपोजिट विद्यालय भगवतनगर परसिया में प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार गौड़ ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बन रहा है। गर्मी के मौसम में रसोइयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुकांत ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि जल्द ही गैस सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो मध्याह्न भोजन बनना संभव नहीं होगा। खंड शिक्षाधिकारी के पत्र लिखने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
वर्जन
गैस सिलिंडर के लिए डिमांड की गई है। शीघ्र ही सिलेंडर की व्यवस्था विद्यालयों पर हो जाएगी। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
- सुदामा, खंड शिक्षाधिकारी
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