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Maharajganj News: बेहतर गुणवत्ता के सहारे फर्नीचर उद्योग भर रहा तरक्की की उड़ान

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5,000 से अधिक को फर्नीचर उद्योग से मिल रहा रोजगार
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सहालग निकट देख कारोबारी तैयार करा रहे आकर्षक फर्नीचर
महराजगंज। फर्नीचर उद्योग जनपद में गुणवत्ता के सहारे तरक्की की उड़ान भर रहा है। ओडीओपी योजना में शामिल होने के बाद इसका दायरा निरंतर फैल रहा है। अगले माह शुरू हो रहे सहालग को देखते हुए फर्नीचर कारोबारियों ने आकर्षक फर्नीचर मॉडल तैयार कराए हैं। फरवरी व मार्च दो महीनों में कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है।
फर्नीचर उद्योग सिर्फ एक जनपद तक नहीं बल्कि अन्य जनपदों में भी बड़ा बाजार है। लेकिन ओडीओपी में शामिल जनपद में फर्नीचर कारोबार में लगातार विस्तार हो रहा है। मौजूदा समय में 50 से अधिक बड़े फर्नीचर उद्योग संचालित हैं। इस उद्योग के जरिये बड़ी संख्या में काष्ठ कला के हुनरमंदों को रोजगार मिल रहा है। उद्योग विभाग के मुताबिक जनपद में फर्नीचर कारोबार से फर्नीचर तैयार करने में लगे लोगों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही शो रूम के जरिये इसकी बिक्री करने वाले भी रोजगार पा रहे हैं।
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हुनरमंदों को जिले में रोजगार
फर्नीचर कारोबार से जुड़े आत्माराम गुप्ता ने बताया कि जनपद से फर्नीचर ओडीओपी में जब से शामिल हुआ, उसके बाद इसका व्यापार बढ़ा है। गुणवत्ता बेहतर करने व कारोबारियों की तरफ से दी जाने वाली छूट के कारण बाहरी जनपदों से भी खरीदार पहुंच रहे। इससे बिक्री का ग्राफ बढ़ा है।
फर्नीचर सेट की अधिक डिमांड
कारोबारी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद में फर्नीचर बिक्री की सर्वाधिक डिमांड बेटी के विवाह में देने वाले फर्नीचर सेट की है। उक्त सेट में बेड, सोफा, सिंगार दान व टेबल जैसे फर्नीचर शामिल होते हैं। फर्नीचर सेट एक लाख रुपये में उपलब्ध है जो सर्वाधिक बिकता। आशुतोष शर्मा ने बताया कि एक लाख रुपये में अन्य जिलों में भी फर्नीचर सेट है लेकिन जिले में बनने वाले फर्नीचर लकड़ी की गुणवत्ता व लुक की डिमांड अधिक।
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वर्जन
जनपद में फर्नीचर उद्योग ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास प्रभावी है। लगभग आठ करोड़ से वुड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित है। जहां फर्नीचर डेंट-पेंट, डिजाइन, कलर व फिनिशिंग का प्रशिक्षण कामगार पाते हैं। इसके अलावा समय-समय पर प्रशिक्षण व टूल किट निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
-अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग।
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