तैयार किया जाएगा जैव विविधता रजिस्टर
प्राकृतिक संसाधनों का ब्यौरा एप पर किया जाएगा अपलोड
महराजगंज। जैव विविधता बोर्ड के निर्देशन में वन विभाग अन्य विभागों की मदद लेकर जैव विविधता सर्वेक्षण करेगा। सर्वे के आधार पर जैव पंजिका व रजिस्टर बनाकर आई नेचुरललिस्ट एप पर विवरण फीड किया जाएगा। इस मुहिम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना है।
महराजगंज सर्वाधिक वन्य दायरे वाले जिलों में शामिल है। यहां का सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध है। साखू-सागौन के वृक्षों से आच्छादित वन्य दायरे में तमाम वनस्पति, शैवाल, पशु-पक्षी, कीट पतंगें विविधता की झलक देते हैं। निचलौल वन रेंज में वेटलैंड (आर्द्र भूमि) का दायरा तमाम वनस्पतियों व जलचरों की आरामगाह है। अब इन वन्य प्राणियों, पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ जिस क्षेत्र में यह हैं वहां का इतिहास रिकॉर्ड बनेगा। इनके संरक्षण को लेकर कारगर नीतियों को बढ़ावा देने का प्रारूप जैव विविधता बोर्ड ने प्रभावी करते हुए वन विभाग को दायित्व सौंपा है। वन विभाग पंचायतीराज और कृषि महकमे के अलावा अन्य विभागों की मदद से पेड़-पौधों, वन्य प्राणियों और प्राकृतिक संसाधनों को सूचीबद्ध कर डिजिटल फीडिंग करेगा।
क्या है आई नेचुरललिस्ट
यह एक मोबाइल वेब आधारित एप है। इसमें पौधों, पशु-पक्षी, कीट पतंगें, शैवाल और कवक को पहचान के बाद उनसे जुड़ी जानकारी का डाटा संरक्षित रखा जाता है। इसका उपयोग विभाग, शोधार्थी व वैज्ञानिक जानकारी प्राप्ति के लिए करते हैं। यह वर्ल्ड वाइड रेंज के दायरे का विवरण संरक्षित करने का उपयुक्त माध्यम है।
वर्जन
जैव विविधता बोर्ड की तरफ सर्वेक्षण का प्रारूप प्राप्त हुआ है। इसमें जैव विविधता का सर्वे कर रजिस्टर में दर्ज करना है। साथ ही साथ इसकी फीडिंग भी होगी। सर्वे इसी माह से शुरू होगा जिसे सितंबर 2026 तक पूरा करना है। सर्वे के लिए कर्मचारियों का चयन व प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है।
-निरंजन सुर्वे, डीएफओ, सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग।