तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजड़ा,
लोगों की सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस और वन कर्मियों टीम तैनात
महराजगंज/निचलौल। क्षेत्र के बढ़या गांव के टोला गेठीहवा में पिछले 24 घंटे से पुलिस और वन विभाग की टीम डेरा डाल तेंदुए की तलाश में जुटी है। हालांकि अभी तक उसका कहीं पता नहीं चल सका है। रविवार को वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के सिवान में पिंजड़ा लगा दिया। तेंदुए के हमले में शैरुन निशा की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का मौहाल है। गांव के लोगों ने पूरी रात जागते हुए बिताई। सुबह खेत की ओर कोई नहीं गया।
टोला गेठीहवा के सुबास और लालजी ने बताया कि 17 जनवरी की शाम को गांव के आविद अली की बेटी शैरुन निशा को तेंदुए ने मार डाला था। घटना को सोचकर पूरी रात ठीक से नींद नहीं आई। करवट बदलते पूरी रात कट गई। बार-बार वही दृश्य सामने आ रहा था। चकरोड से तेंदुआ युवती को गन्ने के खेत में खींचकर ले गया था। भरत सिंह और कमलेश ने बताया कि रविवार सुबह गन्ना छीलने कोई नहीं गया। जरूरत होने पर पांच से सात की संख्या में लोग बाहर निकले। लोगों को डर है कि तेंदुआ कभी भी गांव की ओर आ सकता है। तेंदुए के हमले से एक सप्ताह में दो लोगों की मौत हो चुकी है। तेंदुए की दहशत से पालतू पशुओं के लिए चारा भी जुटाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि वन विभाग टीम पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
आबादी के इर्द-गिर्द गश्त कर तेंदुए को ढूंढने का प्रयास
निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि घटना के बाद पूरी रात गांव में वन कर्मियों की टीम तैनात थी। आबादी के इर्द गिर्द गश्त कर तेंदुए को ढूंढने का भी प्रयास किया गया। लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को वन्य जीवों से सावधान रहने के लिए जागरूक कर जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की गई। तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल के करीब पिंजड़ा लगाया जा चुका है। तेंदुए की हर हलचल पर नजर रखी जा रही है। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। वन विभाग के साथ पुलिस टीम सुरक्षा में लगी हुई है।
एक सप्ताह के अंदर तेंदुए के हमले से दो की मौत
सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल और शिवपुर वन रेंज से सटे ग्रामीण इलाकों में पिछले एक सप्ताह के अंदर तेंदुए के हमले में दो की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक 10 जनवरी को सोहगीबरवा गांव निवासी उमेश चौधरी के बेटी गुड्डी चौधरी (14) शिवपुर वन रेंज के जंगल से सटे खेत में घास काटने गई थी। गन्ने के खेत में छिपा तेंदुआ हमला कर गुड्डी को मारा डाला था। वहीं 17 जनवरी को बढ़या मुस्तकीम गांव के टोला गेठीहवा निवासी आविद अली के बेटी शैरुन निशा मां को ढूंढने जंगल से सटे बंधे की ओर निकली थी। इस दौरान गन्ने की खेत से निकल तेंदुआ हमला कर मार डाला।
युवती का शव गांव पहुंचते उमड़ी लोगों की भीड़
मुस्तकीम गांव के टोला गेठीहवा में खेत की ओर निकली युवती शैरुन निशा पर तेंदुआ हमला कर मार डाला था। उसके शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार शाम करीब पांच बजे जब युवती का शव गांव पहुंचा तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव पहुंचने के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। पुलिस की मौजूदगी में परिजन प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवती के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
24 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे राजस्व विभाग के जिम्मेदार
आप नेता जाहिद अली ने बताया कि मृत युवती के परिजनों का आर्थिक हालात ठीक नहीं है। युवती के मौत के बाद जहां पुलिस और वन विभाग की टीम पीड़ित परिजनों के साथ जहां हर कदम पर खड़ी थी। वहीं राजस्व विभाग के जिम्मेदार 24 घंटे बीतने के बाद भी उनकी सुधि लेने नहीं पहुंचे। वही एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि अभी तक पोस्टमाटर्म रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को अनुदान देने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।