महराजगंज। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के जरिये शासन ने स्कूलों में सुविधा संसाधन के आकलन के लिए पुरस्कार योजना प्रभावी की है। इसके लिए सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों को आनलाइन आवेदन के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पूरा महीना बीतने वाला है, और माध्यमिक के सिर्फ 25 राजकीय स्कूलों ने ही आवेदन किया है। बेसिक के कितने स्कूलों ने इसके लिए आवेदन किया है इसकी जानकारी नहीं है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया आनलाइन होनी है, जिसमें विभाग का कोई रोल नहीं है। हालांकि बीएसए के मुताबिक आवेदन के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए आनलाइन एक सितंबर से जिले में प्रभावी है। बेसिक और माध्यमिक दोनों विभाग पीछे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय माध्यमिक सहित सहायता प्राप्त, स्ववित्तपोषित कुल 278 विद्यालय संचालित हैं। आवेदन की बात करें तो जिला समन्वयक मुकेश के मुताबिक सिर्फ 25 राजकीय माध्यमिक स्कूलों ने ही पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। जबकि इसके लिए विभाग ने नोडल को जिम्मेदारी भी दी है।
इसके बावजूद स्कूलों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं है कि एक सम्मानजनक आवेदन जनपद से हो सके। वहीं बेसिक के लगभग 1500 स्कूल संचालित हैं, लेकिन कितने स्कूलों ने जिले से इसके लिए आवेदन किया है इसकी जानकारी विभाग को नहीं है और न ही आवेदन को रफ्तार देने के लिए नोडल कर्मी ही लगाए गए हैं। आवेदन के लिए बचे सीमित समय को देखते हुए यह तय माना जा रहा कि सम्मानजनक आवेदन संख्या तक पहुंचने में जनपद पीछे रह जाएगा।
बेसिक के सभी स्कूल प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारियों को अधिक से अधिक आवेदन के लिए निर्देश हैं। तय समय बीतने के बाद ही संख्या की जानकारी मिल सकेगी।
-रिद्धि पांडेय, बीएसए।
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स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए आवेदन पहली सितंबर से प्रभावी है। अधिक से अधिक नामांकन के निर्देश सभी स्कूल प्रधानाचार्य को दिए गए हैं। 24 सितंबर की समीक्षा में खराब प्रदर्शन पर चेतावनी देकर आवेदन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस।