जल जमाव की समस्या से मुक्त होगा शहर
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महराजगंज। सब कुछ ठीक रहा तो शहर में जल्द ही जल जमाव की समस्या दूर हो जाएगी। शहर की सूरत भी संवर जाएगी। जिलाधिकारी की तरफ से महराजगंज शहर में व्याप्त जल जमाव की समस्या के निराकरण के लिए जल निकासी की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करवा रहे हैं। कार्ययोजना के साथ ही इस्टीमेट भी जल्द तैयार होने की उम्मीद है। शहर को सुंदर बनाने के लिए एनएच-730 पर पड़ने विद्युत पोल तो हटवाए ही जाएंगे, साथ ही अतिक्रमण भी हटाने की तैयारी है। इसके अलावा कार्ययोजना की जद में आने वाले पेड़ भी काटे जा सकते हैं।
वैसे तो महराजगंज जिला घोषित होने के बाद से ही नगर पालिका भी घोषित कर दिया गया था। नगर पालिका बन जाने के बाद भी शहर में जल निकासी की व्यवस्था रामभरोसे है। हर साल बाढ़ आने तथा बलिया नाले में उफान आने के बाद शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। जिससे शहर की जनता परेशान हो जाती है। मगर अभी तक जल निकासी के लिए कोई सार्थक इंतजाम नहीं किया गया। हाल यह है कि अभी तक कोई बड़ा नाला तक नहीं बनाया जा सका है। जिसके जरिए सभी मोहल्लों से निकलने वाले जल की निकासी की व्यवस्था हो सके। कहने के लिए एक मुख्य नाला बनवाकर बलिया नाले में तो मिलवाया गया, मगर इस नाले के ढलान पर ध्यान नहीं दिया गया। यही नहीं, इस नाले से मोहल्ले के नालियों का लिंक नहीं कराया गया। परिणामस्वरूप बरसात में पानी जहां का तहां एकत्र रहता है। जिससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना रहता है।नगर पालिका महराजगंज के 25 वार्डों में करीब 40 हजार की आबादी निवास करती है। पालिका क्षेत्र के लोग बरसात के दिनों में जल निकासी की व्यवस्था न होने से परेशान रहते हैं। स्थिति यह हो जाती है कि मुख्य नाले का पानी उल्टे मोहल्लों में जाकर फैलता है। मोहल्लों के साथ घरों में भी पानी चला जाता है। बीते साल अगस्त माह में आई बाढ़ में तो सक्सेना नगर के कुछ परिवारों को प्रशासन ने नाव से बाहर निकाला। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि शहर को जलभराव की समस्या से मुक्त कराने के लिए विस्तृत ड्रेनेज प्लान तैयार कराया जा रहा है। जिसका खाका व इस्टीमेट जल्द ही तैयार हो जाएगा। एनएच 730 पर पड़ने वाले सभी अतिक्रमण व पोल हटवाएं जाएंगे तथा पेड़ बी कटवाए जाएंगे। इसी के साथ नगर के सभी सर्विस रोड भी बनाए जाएंगे। जिससे शहर की सूरत संवरेगी।