रातभर चला तलाशी अभियान, सुबह बूढ़ाडीह के बेलवा बच्ची टोल के पास मिला शव
महराजगंज। थाना क्षेत्र चमनगंज पुल से शुक्रवार की रात करीब आठ बजे नहर में कूदे अधेड़ का शव शनिवार की सुबह बूढ़ाडीह गांव के बेलवा बच्ची टोले के पास मिला। पुलिस रात भर तलाशी अभियान में जुटी रही। शनिवार को सुबह करीब नौ बजे शव मिलने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार, महाशय मोहल्ला निवासी कृष्णा द्विवेदी (50) शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे चमनगंज पुल के पास पहुंचे और अचानक नहर में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण वह देखते ही देखते ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से देर रात तक खोजबीन कराई लेकिन सफलता नहीं मिली।
शनिवार सुबह एसडीआरएफ की टीम भी खोज अभियान में शामिल हुई। इसी दौरान बूढ़ाडीह क्षेत्र के टोला बेलवा बच्ची के पास छोटी नहर में एक शव दिखाई देने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान कृष्णा द्विवेदी के रूप में हुई। शव मिलने की खबर मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कृष्णा द्विवेदी के परिवार में पत्नी, तीन पुत्र और अन्य परिजन हैं। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव को कब्जे में ले लिया है। एसओ निचलौल अंकित सिंह ने बताया कि शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर बरामद हुआ है। जांच रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।
परिवार से छिन गया रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा
कृष्णा द्विवेदी का शव जैसे ही बूढ़ाडीह क्षेत्र के टोला बेलवा बच्ची के पास मिला, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई जानना चाह रहा था कि कृष्णा द्विवेदी के आत्मघाती कदम उठाने की वजह क्या है। वह अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी बेसुध हो गई और बच्चे भी लगातार रो रहे थे। कृष्णा द्विवेदी मजदूरी करके परिवार की आजीविका चलाते थे। उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें सबसे छोटा अभी महज आठ वर्ष का है। वहां उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं, जब छोटा बेटा अपने पिता के शव के पास खड़ा होकर बार-बार उन्हें उठाने की कोशिश कर रहा था।