महराजगंज। परतावल ब्लाॅक के बनकटिया गांव में एक सूअर में जेई/एईएस का वायरस मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम छिड़काव करने पहुंची तो पता चला कि उस सूअर को पालक ने पडरौना कुशीनगर जिले में बेच दिया है।
टीम ने पडरौना में भी पता लगाया, लेकिन सूअर का पता नहीं चल सका है। सूअर का पता लगाने में स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग व पंचायत विभाग की टीम लगी हुई है।
परतावल क्षेत्र के बनकटियां गांव के सुअर बाड़े में कुछ दिन पहले सभी जानवरों का सैंपल लिया गया था। कुछ दिन बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद एक सूअर के अंदर जेई/एईएस के वायरस मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद पशुपालक ने उक्त सूअर को कुशीनगर जिले के पड़रौना की तरफ बेचने की बात कही है।
मंगलवार देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल की टीम ने गांव में फागिंग के साथ ही उस गांव के नौ माह से 15 वर्ष के सभी बच्चों का टीकाकरण भी कराया है।
एडीओ पंचायत राधेश्याम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जेई/एईएस के वायरस दो बच्चों और एक सूअर में मिलने की सूचना पर बनकटियां, सोहसा बांसपार और पिपरा खादर में साफ सफाई करा दिया गया है। सूअर कहां है इसकी जानकारी मुझे नहीं है, पशुपालन विभाग व स्वास्थ्य विभाग इसकी सूचना दे पाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि उक्त गांव में फागिंग व सैंपलिंग कराया गया है। वनकटियां गांव में सूअर में जेई/एईएस के वायरस मिलने के बारे में एडीओ पंचायत और बीडीओ परतावल को सूचना दिया गया है।
बीडीओ परतावल श्वेता मिश्रा का कहना है कि पशुपालक विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि सूअर बेच दिया गया है।
पशु पालन विभाग के अधिकारी डाॅ. आर के पटेल का कहना है कि पशुपालक सुअर को बेच चुका है। अगर वनकटियां गांव में होता तो इंजेक्शन लगा कर उसका इलाज किया जाता।