उच्च प्राथमिक विद्यालय पुरैनिहा में टेट परीक्षा अनिवार्यता को लेकर विरोध करते शिक्षक।
महराजगंज। उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले को लेकर बीआरसी घुघली में सोमवार को शारदा पोर्टल के तहत आयोजित दो दिनी प्रशिक्षण के पहले दिन शामिल शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
संबंधित फैसले में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने और पदोन्नति प्राप्त करने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसको लेकर शिक्षकों और सरकार के बीच गतिरोध बढ़ गया है। फैसले के विरोध में सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन एक साथ आ गए हैं। शिक्षकों ने घोषणा की है कि दो दिन तक सभी शिक्षक स्कूलों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
शिक्षक नेता मनोज वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ था। नियमानुसार, इसके बाद नियुक्त शिक्षकों पर ही टीईटी लागू होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुराने शिक्षकों पर इसे थोपने के खिलाफ 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव करने की योजना है।