महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के समायोजन के तहत आरटीई एक्ट के अनुसार सरप्लस शिक्षकों का उनकी स्वेच्छा से दिए गए आवेदन के आधार पर स्थानांतरण किया गया। इस प्रक्रिया के तहत कई शिक्षक अपने घर के नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए। स्थानांतरण के तीन माह बाद जब शिक्षक अपने नए कार्यस्थल पर नियमित हो चुके, तो कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों ने एकल विद्यालयों का हवाला देकर इनकी कार्य मुक्ति निरस्त कर दी। उन्हें उनके मूल विद्यालयों में वापस जाने का आदेश दिया गया। इस निर्णय से शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों का कहना है कि स्थानांतरण के बाद वे अपने नए कार्यस्थल में समायोजित हो चुके थे। अब अचानक मूल विद्यालय में वापसी का आदेश उन्हें ठगा महसूस करा रहा है। शिक्षकों ने इसे विभागीय नीतियों में असंगति और अन्यायपूर्ण कदम बताया है। राजेश कुमार, गिरजेश पटेल, राघवेंद्र कुमार गुप्त, जयप्रकाश, मनोज कुमार चौधरी, अजय कुमार गुप्त, प्रभात कौशिक सहित कई शिक्षकों ने इस आदेश के खिलाफ रोष जताया। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की कि मूल विद्यालय में वापसी के आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए।