शिक्षकों की सीख ने बनाया काबिल, पीड़ितों को न्याय दिला रहे डीएम-एसपी
डीएम सत्येंद्र कुमार व एसपी डॉ. कौस्तुभ ने मार्गदर्शी शिक्षकों को किया स्मरण
कहा- उनकी प्रेरणा से ही सफलता की राह हुई आसान
महराजगंज। जीवन में शिक्षा अनमोल है। बेहतर शिक्षा व अच्छा मार्गदर्शन जहां व्यक्ति को सफलता की ओर बढ़ाता है, वहीं उन्हें ऐसा अवसर प्रदान करता है जिससे वे दूसरों की बेहतर ढंग से मदद कर सकें। कुछ ऐसा ही हुआ है जिले के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार व पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के साथ। विद्यार्थी जीवन में शिक्षकों से मिले ज्ञान व सीख ने आज जहां उन्हें जिले के शीर्ष पदों पर बैठाया है। अपने ज्ञान से वे न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था व सुरक्षा को बढ़ावा देने में जुटे हैं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। विद्यार्थी जीवन में शिक्षक से प्रभावित होकर आगे बढ़ने के विषय पर उनसे बात की गई तो उन्होंने अपनी पुरानी एवं सहेजी हुई यादों को खुलकर साझा किया।
बिहार के मधुबनी में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के दौरान आठवीं कक्षा मेें जलसेना से सेवानिवृत्त हुए वीरेंद्र चौधरी जब घर लौटे तो उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित करने का कार्य किया। वे प्रत्येक विद्यार्थी पर न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते थे, बल्कि उनमेें सीखने की ललक पैदा करने के लिए नवाचारी विषयवस्तु भी देते थे तथा अगले दिन उसकी जांच भी करते थे। उनके इस पहल से नई सोच को विकसित करने में मदद मिली। वहीं, प्रशासनिक सेवा की तैयारी के समय शिक्षक मुकुल पाठक की ओर से मनोविज्ञान विषय में दी गई जानकारी का लाभ आज प्रशासनिक कार्यों में मिलता है।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
बिहार की राजधानी पटना के निवासी शिक्षक परिवार से होने के नाते प्राथमिक से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक घर के सदस्यों का पूरा सहयोग मिला। माता नीलम के शिक्षक होने की वजह से शुरू से ही उनकी देखरेख में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने सदैव मेहनत से पढ़ाई कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा समय-समय पर उन्होंने कॅरियर में सफलता प्राप्त करने के लिए उचित मार्गदर्शन भी किया। प्रारंभिक दौर से लेकर प्रशासनिक सेवा में जाने तक उन्होंने शार्टकट से बचने के लिए निरंतर प्रेरित किया। उनकी प्रेरणा का असर यह रहा कि आज वे पुलिस सेवा से जुड़कर जिले में सुरक्षा का बेहतर माहौल स्थापित करने व पीड़ितों को न्याय दिलाने में जुटे हैं।
-डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक