महराजगंज। मिलावटी चाय की पत्ती का धंधा रोजाना लाखों में होता है। इससे सेहत को खतरा है। मिलावटी चाय की पत्ती गोरखपुर की मंडी से महराजगंज आती है। जिले में चाय की पत्ती के दो नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें एक फेल हो गया। संबंधित दुकानदार को नोटिस दिया गया है। मिलावट का यह खेल नेपाल बॉर्डर तक फैला है।
सूत्रों की माने तो मिलावट करने वाले ही खुली चाय की पत्ती की डिलीवरी करते हैं और सप्ताह व 15 दिन में रुपये वसूल लेते हैं। इसमें बड़े दुकानों, होटलों से भी इनकी सेटिंग होती है, जहां चमक-धमक के आगे कोई देखने नहीं जाता है कि काैन सी चाय की पत्ती का इस्तेमाल हो रहा है।
शहर में सादे पैकिंग वाली चायपत्ती सस्ते में मिल जाएगी। छोटी-छोटी चाय की दुकानों पर बेची जाती है। ब्रांडेड चायपत्ती का 250 ग्राम का पैकेट 130-160 रुपये में मिलती है। सस्ती चायपत्ती 120 से 150 रुपये में एक किलो मिल जाती है।
मिलावटी चाय की पत्ती के इस्तेमाल से चाय गाढ़ी हो जाती है और उसका रंग बदल जाता है। इससे लगता है कि चाय अच्छी तरह पक गई है। जानकारों के मुताबिक यदि तीन लीटर पानी में ब्रांडेड चाय की पत्ती 30 से 50 ग्राम प्रयोग होती है तो यह चाय महज एक चम्मच ही काफी है। एक चाय की दुकान पर काम करने वाले कर्मी ने बताया कि खुली चाय की पत्ती सस्ती मिलती है।
उसका रंग भी ग्राहकों को खूब पसंद आता है। चाय की पत्ती के ही कमाल से गाढ़ी एवं चटख रंग की कड़क चाय मिलती है। गोरखपुर में मिलावटी चाय की पत्ती पकड़ में आने के बाद जिले में धंधा मंदा हो सकता है, क्योंकि ज्यादातर कारोबारी गोरखपुर से ही सामान मंगाते हैं।
सूत्रों की माने तो धंधेबाज सस्ती वाली चाय की पत्ती लाकर एक स्थान पर स्टोर करते हैं। इसके बाद प्लास्टिक की थैलियों में पैक करने के बाद संबंधित दुकानों तक पहुंचा दिया जाता है।
अधिकतर चाय की दुकानों पर यही चाय की पत्ती प्रयोग में आती है। सस्ते में मिलने के कारण इसकी बिक्री अधिक होती है। बताया जाता है कि एक ही चाय की पत्ती का दुकानदार कई बार उपयोग करते हैं।
मिलावटी चाय की पत्ती में छोटे-छोटे हल्के लाल रंग के दिखते हैं कण
केएमसी मेडिकल काॅलेज के डॉ. डीके कुशवाहा ने बताया कि चाय की पत्ती में सिंथेटिक कलर और केमिकल होगा तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगी। लैब में जांच के बाद जब केमिकल कंपोजिशन की रिपोर्ट आएगी तब पता चलेगा कि वह शरीर के किस अंग को नुकसान पहुंचाएगा। मिलावटी चाय की पत्ती में छोटे-छोटे हल्के लाल रंग के कण दिखाई देते हैं। इस चाय की पत्ती को पानी में डालेंगे तो रंग लाल हो जाएगा, जबकि असली चाय की पत्ती को पानी में डालेंगे तो रंग नहीं बदलेगा।