आरोपी ने रमाकांत को पूजा-पाठ के बहाने अपने स्विफ्ट डिजायर कार में बिठाया। रास्ते में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया। सहजनवां के पास बरईपार पाली गांव के सुनसान इलाके में ले जाकर लोहे की पाइप से सिर पर वार कर निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद शव को बस्ती जिले के टांडा रोड पर मुख्य मार्ग से लगभग 7-8 किलोमीटर अंदर लिंक रोड पर फेंक दिया।
एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया की पूछताछ में राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रमाकांत चौहान सोखैती और झाड़-फूंक का काम करते थे। वे उसके घर पूजा-पाठ करने आया करते थे। जनवरी 2025 में रमाकांत ने उससे दो लाख रुपये उधार मांगे, लेकिन वह नहीं दे सका। इससे नाराज होकर रमाकांत ने धमकी दी कि पैसा न देने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
26 फरवरी 2025 को शिवरात्रि के दिन आरोपी के बेटे ऋषभ सिंह की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मौत हो गई। ज्योतिषियों ने रमाकांत पर ही तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया, जिससे आरोपी में गुस्सा भर गया और उसने बदला लेने की ठान ली।
1 जून 2025 को उसने रमाकांत को फुसलाकर कार में बिठाया, नशीला पदार्थ पिलाया और रात करीब 9 बजे सुनसान जगह पर पाइप से सिर पर वार कर हत्या कर दी। शव को बस्ती जिले में फेंकने के बाद वह दिल्ली भाग गया था। रमाकांत की पत्नी बिजुला देवी ने थाने में तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ।