चौपरिया में दो एकड़ भूभाग पर पीपीपी मॉडल से तैयार हुआ ट्रैक
महराजगंज। अगले माह से जिला मुख्यालय पर एआरटीओ से डीएल जारी करने से पहले ड्राइविंग टेस्ट आधुनिक मानकों के हिसाब से ली जाएगी। इसके लिए नगर पालिका परिषद के चौपरिया में दो एकड़ भूभाग पर सेंसर युक्त ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। नई व्यवस्था के तहत अब डीएल उन्हीं को जारी होगा जो इस आधुनिक ट्रैक पर वाहन चलाने का टेस्ट पास करेंगे।
संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से आधुनिक मॉडल का ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। यहां वाहन चलाने की दक्षता आकलन तकनीकी आधारित होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत तरीके से लाइसेंस की संभावना खत्म होगी। ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। उम्मीद है कि इसी माह से ट्रैक के विभाग को हैंडओवर होने की उम्मीद है।
सेंसर और कैमरों से लैस इस ट्रैक पर अभ्यर्थियों को तय मानकों के अनुरूप ही वाहन चलाना होगा, यहां की प्रत्येक गतिविधि एआई लैस सेंसर वाले कैमरे से रिकार्ड होता रहेगा। वाहन अनियंत्रित होने पर सेंसर संकेत जारी कर देगा। खासियत यह है कि यहां केवल परीक्षण ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बाइक और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण व टेस्ट के ट्रैक हैं।
ऐसे करेगा काम
टेस्टिंग ट्रैक में लगने वाले सेंसर ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से संचालित होंगे। सेंसर आरआई के कम्प्यूटर से जुड़े हुए रहेंगे, जो ट्रैक पर वाहन के आते ही एक्टिव हो जाएंगे। ट्रैक पर आने व जाने तक की स्थिति में ड्राइविंग का पूरा ब्यौरा फ्लैश होता रहेगा।कम्प्यूटर पर ही ड्राइविंग की रिपोर्ट बनकर मिलेगी। ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए इस सेंसर की रिपोर्ट में 70 प्रतिशत तक मार्क लाना अनिवार्य होगा।
वर्जन
पीपीपी मॉडल पर ऑटोमेटेड ट्रैक बनकर तैयार है। अभी यह हैंडओवर नहीं हो सका है। हैंडओवर मिलने के बाद संचालन शुरू होगा।
-मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ, महराजगंज।