नारे तकबीर का नारा लगाते हुए नगर, चौराहा, गलियों, गांवों में भ्रमण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नौवीं मोहर्रम के अवसर पर पूरे जनपद में ढोल ताशे के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। ताजिएदार सिर पर छोटी-छोटी ताजिया रख, हरे रंग का इस्लामी झंडा लिए नारे तकबीर का नारा लगाते हुए नगर, चौराहा, गलियों, गांवों में भ्रमण किया। ताजियों का मिलन होने के बाद अपने अपने घरों की तरफ रवाना हो गए। ताजियों के आगे ढोल ताशा बजाकर कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया जिसको देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ इकट्ठा रही।
विकास खंड मिठौरा के ग्राम सभा मधुबनी, खजुरिया, परसामीर, मिठौरा बाजार, परसा चक गोबरही के युवाओं ने लाठियां भांज कर, तलवार से सुरक्षा का बचाव कर, भाला फेंक आदि का प्रदर्शन कर दर्शकों का मनोरंजन करते हुए कला का प्रदर्शन किया। नौवीं मोहर्रम के अवसर पर युवा कलाकारों ने थकरी का खेला और कला का प्रदर्शन किया। जहां पर थकरी खेलने वाले कलाकारों ने नृत्य करते हुए समूह में मिलान किए।
ताजिया बनाकर शहीदे कर्बला की याद को ताजा किया
महराजगंज। मोहर्रम की दसवीं तारीख शुक्रवार को रहा। इस्लाम धर्म के इतिहास में कर्बला का जंग सत्य और असत्य के लिए लड़ा गया। मोहर्रम की दसवीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन और 72 साथियों ने तीन दिन तक भूखे प्यासे रहकर क़र्बला के मैदान में एक लाख यजीदी सेना के सामने लड़ते हुए नमाज पढ़ते हुए शहीद हो गए। आज पूरे संसार में अकीदत मंद हजरत इमाम हुसैन और शहीदे क़र्बला की याद मे रोजा रखते हैं, कुरानख्वानी कराते हैं।
ताजियादार मनौती के रूप में ताजिया बनाकर नारे तकबीर, या हुसैन, या शहीदे क़र्बला नारों से सदाएं बुलंद करते हैं और हजरत इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। पूरे जनपद में मोहर्रम के अवसर मेले का आयोजन करते हैं।
परसामीर में सात खंडो में बनी ताजिया आकर्षण का केंद्र
महराजगंज। क्षेत्र के ग्राम सभा परसामीर में सभी के सहयोग से एक लाख रुपये की लागत से 50 फीट ऊंची ताजिया आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ताजिये में मक्का और मदीना का अक्स है। एक साल से बन रहे ताजिये में विशुनपुर भड़ेहर निवासी अकबर अली ताजिया निर्माण में कारीगर है। सहयोगी कारीगर के रूप में दिलशाद अहमद, साहिल, इजहार, शैलेश, सभान अली, सहजाद अली, हसनैन अपना सहयोग कर रहे हैं। परसामीर निवासी फैजुल्लाह मुख्य रूप से ताजिया निर्माणकर्ता है। फैजुल्लाह का कहना है ताजिया निर्माण में ग्राम सभा के सभी वर्गों का विशेष योगदान है। ताजिया बनाने वाले कारीगर अकबर अली एक साल से ताजिया निर्माण में छह सहयोगी ने सहयोग किया हैं। ताजिये की ऊंचाई 50 फीट और चौड़ाई 32 फीट है। ताजिये में 300 बांस, एक क्विंटल तार, एक क्विंटल कील लगा है। ताजिये में पचास हजार रुपये की लागत का कागज लगा है, ताजिये में 13 बड़े गुंबद और 4 छोटी मीनारें हैं। सात खंडों में बनी ताजिया आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
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खजुरिया में देवा शरीफ के अक्स मे ताजिया बना आकर्षण का केंद्र
महराजगंज। क्षेत्र के ग्राम सभा खजुरिया में पांच लाख रुपये की लागत से 70फिट ऊंचा बना ताजिया आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ताजिये में देवा शरीफ का अक्स है। एक साल से बन रहे ताजिये में घुघुली क्षेत्र के बसंतपुर निवासी इसहाक ताजिया निर्माण में कारीगर है। सहयोगी कारीगर के रूप में निजामुद्दीन इसरफील और मुस्तफा अपना सहयोग कर रहे हैं। खजूरिया निवासी सौआल अंसारी मुख्य रूप से ताजिया निर्माण कर्ता है।
सौआल अंसारी का कहना है ताजिया निर्माण में ग्राम सभा के सभी वर्गों का विशेष योगदान है। ताजिया बनाने वाले कारीगर इसहाक एक साल से ताजिया निर्माण में तीन सहयोगी ने सहयोग किया हैं। ताजिये की ऊंचाई 70 फिट है, चौड़ाई 40 फिट है।ताजिये में 500 बांस लगा है,एक क्विंटल तार, एक क्विंटल कील लगा है। ताजिये में पचास हजार रुपये की लागत का कागज लगा है, ताजिये में 8 बड़े गुंबद और 20 छोटी मीनारें हैं। सात खंड़ों में बना ताजिया आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पांच लाख की कीमत से बन रहा टिकर में विशाल ताजिया
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा के ग्राम सभा टिकर में मोहर्रम के अवसर पर 70 फीट ऊंचा विशाल ताजिया का निर्माण हो रहा है। पांच लाख रुपये की लागत से बन रहा ताजिया आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ताजिये में मक्का, मदीना और क़र्बला का अक्स है। एक साल से बन रहे ताजिये में बढ़या फार्म निवासी बेचू कुशवाहा ताजिया निर्माण में मुख्य कारीगर हैं।
टिकर निवासी सद्दाम मुख्य रूप से ताजिया निर्माण कर्ता है। सद्दाम का कहना है कि ताजिया निर्माण में ग्राम सभा के सभी वर्गों का विशेष योगदान है। ताजिया बनाने वाले कारीगर बेचू कुशवाहा एक साल से ताजिया निर्माण में दो कारीगरों ढेसो के सहाबुद्दीन अंसारी और डोमा फार्म के लकमुद्दीन ने सहयोग किया हैं। ताजिये की ऊंचाई 70 फिट है, चौड़ाई 40 फिट है। ताजिये में 500 बांस लगा है, एक क्विंटल तार, एक क्विंटल कील लगा है। ताजिये में एक लाख रुपये की लागत का कागज लगा है, ताजिये में 12 बड़े गुम्बद और 9 छोटे मीनारे हैं।