लक्ष्मीपुर। नौतनवा क्षेत्र के प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह बनरसिहा कला को बाईपास मार्ग से जोड़ने के लिए मंगलवार को एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य नौतनवा ने भूमि का सर्वे किया। उन्होंने कहा कि विपश्यना सभागार और प्राचीन टीले को सीधे जोड़ने के लिए शासन ने निर्देश जारी किया है। ताकि बौद्ध पर्यटकों के आवागमन में सुगमता मिल सके।
लक्ष्मीपुर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बनरसिहा कला में प्राचीन बौद्ध टीले हैं। इसके विकास के लिए पुरातत्व विभाग एवं पर्यटन विभाग की ओर से विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में विपश्यना हाल का निर्माण अंतिम चरण में हैं। यहां तक पहुंचने के लिए पुराना मार्ग है जो बहुत ही सकरा है। बड़े वाहनों के आवागमन में दिक्कतें होती हैं। देश-विदेश से आने वाले बौद्ध पर्यटकों के सुगमता को देखते हुए शासन ने बाईपास मार्ग बनवाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद एसडीएम नौतनवा राजस्व टीम के साथ बनरसिहा कला पहुंचकर विपश्यना हाल का निरीक्षण किया और बाईपास मार्ग के लिए भूमि का सर्वे भी किया। राजस्व टीम को निर्देश दिया कि बसंतपुर गांव से बौद्ध स्थल तक 20 मीटर चौड़ा मार्ग चिन्हित कर के रिपोर्ट प्रेषित करें। एसडीएम ने बताया कि बौद्ध पर्यटकों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सड़क, प्रकाश, सभागार का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि यहां 20 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा। जिस पर पर्यटन विभाग विकास कार्य करेगा। जिसमे पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने बताया कि उनकी समिति ने सरकार से मांग किया है कि पर्यटन की दृष्टि से यहां के प्राचीन जलाशय की सुंदरीकरण कराया जाए और गौतम बुद्ध, माता महामाया की विशाल मूर्ति की स्थापना की जाए। इस अवसर पर एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य, जितेंद्र राव, महेंद्र जायसवाल, रामलगन, अमरनाथ चौधरी, संतोष जायसवाल मौजूद रहे।