800 की ओपीडी में करीब 30 फीसदी मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, गले में खराश से पीड़ित आ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दिन में गर्मी और रात में ठंड का एहसास लोगों को बीमार बना रहा है। रात के तापमान में गिरावट और दिन के तापमान में बढ़ोतरी का असर सेहत पर दिख रहा है। सर्दी जुकाम, बुखार, खांसी, गले में दर्द, बदन में दर्द से पीड़ित लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। करीब 30 फीसदी मरीज इस बीमारी से पीड़ित अस्पताल आ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक दिन करीब 800 मरीज आते हैं। ठंडी हवा चलने के चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप रहने के बावजूद मौसम खुशनुमा बना हुआ है, लेकिन शाम होते ही तापमान कम होने से लोगों को ठंड का अहसास होने लग रहा है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार, बृहस्पतिवार की रात को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में प्रत्येक दिन उतार चढ़ाव हो रहा है। दिन में गर्म व रात में ठंड का अहसास हो रहा है। पिछले दो दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है।
बुधवार की रात न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार की तुलना में तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। उत्तरी-पश्चिमी हवा की वजह से तापमान में यह गिरावट दर्ज की गई है। अभी दो-तीनों तक मौसम के ऐसे ही रहने की संभावना है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव का असर घर-घर में देखने को मिल रहा है।
लोग खांसी, जुकाम व बुखार के चपेट में आ रहे हैं। मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने का सुझाव दिया जा रहा है। दिन में धूप रहने के बावजूद मौसम खुशनुमा बना हुआ है लेकिन शाम होते ही तापमान कम होने से लोगों को ठंड का अहसास होने लग रहा है। दिन और रात के तापमान में दोगुना का अंतर रह रहा है। दिन में लोग बिना गर्म कपड़े के निकल जा रहे हैं। शाम को घर लौटते समय परेशान होना पड़ा रहा है। लापरवाही बरतना लोगों को महंगा पड़ रहा है।
ठंड में बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्गों का रखें ख्याल
केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि अब हल्की-हल्की ठंड का अहसास शुरू हो चुका है। इस बदलते मौसम में सर्दी, खांसी या बुखार जैसी स्वास्थ्य की कुछ समस्याएं बढ़ जाती है। इस समय हमें अपने घर के बच्चों, बड़े-बुजुर्गों की सेहत का भी खास ख्याल रखने की आवश्यकता है।
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धुंध की वजह से प्रदूषण के कण आ जाते हैं नीचे
जिला अस्पताल के डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है। ठंड के कारण धुंध बढ़ती है और धुंध होने की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो फेफड़े तक पहुंचते हैं। इससे सांस की बीमारी की आशंका बनी रहती है। हार्ट की समस्या भी बढ़ जाती है। ज्यादा उम्र वालों को बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द जैसी परेशानियां के साथ सांस की परेशानी या अस्थमा का अटैक सबसे सामान्य समस्या है। अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए, ताकि सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहे।