कक्षा नौ में करवाया था प्रवेश
जानकारी के अनुसार, व्यवसायी ने अपने पुत्र का सोमवार को सुल्तानपुर जिले में आर्य समाज की ओर से संचालित एक आवासीय गुरुकुल में कक्षा नौ में प्रवेश कराया था। बेटे को बेहतर शिक्षा और अनुशासित वातावरण दिलाने की उम्मीद के साथ उन्होंने प्रवेश की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं और उसे हॉस्टल में छोड़कर घर के लिए रवाना हो गए। बताया जाता है कि पिता अभी गोरखपुर ही पहुंचे थे कि गुरुकुल प्रबंधन की ओर से फोन करके उन्हें वापस बुलाया गया। वहां पहुंचने पर बताया गया कि उनका बेटा हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला है। यह सूचना मिलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
रास्ते में ही परिवार ने किया दाह संस्कार
परिजनों के अनुसार पिता को सुल्तानपुर पहुंचने पर बेटे की मौत की जानकारी दी गई। आवश्यक कार्यवाही पूरी होने के बाद परिवार शव को लेकर वापस लौटा और रास्ते में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। घर पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, व्यापारी और शुभचिंतक परिवार को ढाढ़स बंधाने पहुंचने लगे हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे नगर पंचायत परतावल में शोक का माहौल है। लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि जिस बच्चे को सुबह बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ गुरुकुल में छोड़ा गया था, उसकी मौत की खबर कुछ ही घंटों बाद परिवार को मिल जाएगी।