जिले में नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू, सभी संस्थानों को पालन के निर्देश
48 घंटे से अधिक काम पर देना होगा दोगुना ओवरटाइम, वेतन पर्ची भी अनिवार्य
सिद्धार्थनगर। जिले में श्रमिकों को तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों पर अब श्रम विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है। सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) ओम प्रकाश ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं करने, ओवरटाइम नियमों का उल्लंघन करने या वेतन पर्ची नहीं देने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 17 अप्रैल 2026 को जारी शासनादेश के तहत प्रदेश में विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों के लिए नए न्यूनतम वेतनमान लागू किए गए हैं। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जिले में अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 13,590 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया है।
श्रम विभाग के अनुसार जिले में संचालित कंपनियां, राइस मिलें, ईंट भट्ठे, ट्रांसपोर्ट इकाइयां, गैस एजेंसियां, पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, स्वयंसेवी संस्थाएं समेत सभी प्रतिष्ठानों को इन दरों का पालन करना होगा। यह व्यवस्था मस्टर रोल, संविदा, दैनिक वेतन या अन्य किसी व्यवस्था में कार्यरत सभी श्रमिकों पर लागू होगी।
एएलसी ने कहा कि सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही कार्य लिया जा सकता है। इससे अधिक काम लेने की स्थिति में निर्धारित दर से दोगुना ओवरटाइम भुगतान करना होगा और कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य होगा। श्रम कानूनों के अनुपालन को लेकर नियमित निगरानी और जांच की जाएगी।
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किस श्रेणी के श्रमिक को कितना वेतन
- अकुशल श्रमिक : 12,356 रुपये प्रतिमाह
- अर्द्धकुशल श्रमिक : 13,590 रुपये प्रतिमाह
- कुशल श्रमिक : 15,224 रुपये प्रतिमाह
ये नियम भी जानिए
- सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे कार्य का प्रावधान
- अतिरिक्त कार्य पर दोगुना ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य
- प्रत्येक कर्मचारी को वेतन पर्ची देना जरूरी
- उल्लंघन मिलने पर जांच और वैधानिक कार्रवाई होगी
(सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) ओम प्रकाश के अनुसार)