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सूर्यास्त होते ही लालटेन युग में चले जाते हैं सोहगीबरवा के बाशिंदे 15-15-54

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आजादी से 73 साल बाद आई बिजली, नौ महीने से है गुल
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निचलौल (महराजगंज)। आजादी के सात दशक गुजर जाने के बाद पिछले वर्ष 2020 फरवरी में विद्युत निगम द्वारा जिले का टापू कहे जाने वाले विकास खंड क्षेत्र के सोहगीबरवा में विद्युत आपूर्ति शुरू की गई थी। सात माह बाद अक्तूबर में आई बाढ़ से दर्जनों विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। जिससे करीब नौ माह से सोहगीबरवा में बिजली गुल है। विद्युत निगम के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के अंतिम छोर पर बसे सोहगीबरवा में निवास करने वाले हजारों बाशिंदों को उजाले में रखने के लिए वर्ष 2015-16 में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांव में विद्युत पोल और तार लगाए गए थे। उसके बाद वर्ष 2018-19 में विद्युत कर्मियों द्वारा सौभाग्य योजना के तहत सैकड़ों उपभोक्ताओं का विद्युत कनेक्शन भी किया गया।
सोहगीबरवा निवासी रितिक ने कहा कि विद्युत निगम द्वारा पिछले वर्ष फरवरी में विद्युत आपूर्ति शुरू की गई थी। लेकिन अक्तूबर में आई बाढ़ के चलते दर्जनों विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। लिहाजा अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सोहगीबरवा के बाबू टोला निवासी रंजीत सहानी ने कहा कि गांव मोमबत्ती, गैस या ब्लैक में मिट्टी का तेल लाकर काम चलाया जाता है। इसके अलावा सौर ऊर्जा से घरों में उजाला करने की कोशिश की जाती है जिसमें पास जो व्यवस्था है, उस हिसाब से प्रकाश की व्यवस्था करता है।
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शिकारपुर गांव के मटियरवा टोला निवासी रुदल ने कहा कि सरकार की हर घर बिजली योजना विफल साबित हो रही है। बिजली नहीं रहने के कारण शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में तब्दील हो जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। मुजा टोला निवासी पवन श्रीवास्तव ने कहा कि जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव में आजादी के 70 साल बीतने पर भी बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी। इन गांवों में निवास करने वाले लोग अंधकार में जीने को विवश हैं। विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
11 हजार आबादी को उम्मीदों के दीये तले बिजली का इंतजार
निचलौल विकासखंड क्षेत्र के गांव सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोतहा सहित सात टोले बसही, मटियरीया, धर्मपुर, नौका टोला, बाबू टोला, मरचहवा, मुजा टोला के करीब 11 हजार आबादी को आज भी उम्मीदों के दीये तले बिजली का इंतजार है। यहां के निवासी राजेश श्रीवास्तव, वर्मा यादव, राम सवारे निषाद का कहना है कि पिछले करीब नौ माह से गांव में बिजली नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था कर उजाला किया जाता है।
यहां पर ढाई हजार से अधिक हैं कनेक्शन
यहां के बाशिंदे विनोद श्रीवास्तव, रामदरश कुशवाहा ने कहा कि गंडक नदी के किनारे और चारों तरफ जंगलों से घिरे इस टापू को बिजली से रोशन करने के लिए करीब ढाई हजार विद्युत कनेक्शन दिया गया है।
सोहगीबरवा निचलौल विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आता है। लेकिन बीच में गंडक नदी तथा तमाम समस्या होने के चलते वहां पर विद्युत आपूर्ति खड्डा विद्युत उपकेंद्र द्वारा की जाती है। हालांकि समय-समय पर वहां की विद्युत व्यवस्था की जायजा लेकर समस्याओं का निस्तारण करने का प्रयास किया जाता है।
-उपेंद्र नाथ चौरसिया, एसडीएओ, विद्युत, निचलौल
विद्युत उपकेंद्र खड्डा के एसडीओ अजीत कुमार के मोबाइल नंबर 7839307743 पर दर्जनों बार संपर्क साध मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया गया। लेकिन उनका मोबाइल फोन हर बार व्यस्त जा रहा था। उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि वहां पर कुशीनगर जिले के खड्डा विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। मामले की जानकारी लेकर सोहगीबरवा सहित अन्य बस्तियों में बिजली आपूर्ति कराने का प्रयास किया जाएगा। समस्या का समाधान जल्दी करने का प्रयास किया जाएगा।
-प्रेम सागर पटेल, विधायक, सिसवा
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