पे ग्रेड की बढ़ोत्तरी को लेकर उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले शुक्रवार को ग्यारहवें दिन भी इंजीनियरों ने कार्य को बंद कर जिला मुख्यालय के प्रांगण में बैठक की। इस दौरान इंजीनियरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए इंजीनियर शम्भू नाथ कुशवाहा ने कहा कि हड़ताल करते हुए शुक्रवार ग्याहरवें दिन पूरा हो गया लेकिन प्रदेश की सरकार इस बात से अनजान होकर बैठी है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि सरकार को डिप्लोमा इंजीनियर की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियरों केे वाहन अनुरक्षण भत्ता के रूप में 30 लीटर पेट्रोल के मूल्य के बराबर धनराशि तथा अधिशासी अभियंता एवं उच्च पद पर पदोन्नती में सेप्रेट गैलरी के प्राविधान का शासनादेश जारी किया जाए। संजय कुमार मौर्य ने कहा कि जूनियर इंजीनियर का प्रारंभिक ग्रेड पे 4800 तथा सात वर्ष, 14 वर्ष, एवं 20 वर्ष की सेवा पर पदोन्नती वेतनमान प्रदान किया जाए। सरकार इतने दिनों से हो रहे हड़ताल पर भी अपना ध्यान नहीं बना रही है।
धरने में जिलाध्यक्ष कौलेश कुमार, पवन कुमार, रविकांत प्रभाकर, शम्भूनाथ कुशवाहा, संजीव पटेल, अनिल कुमार, विन्दुकेश यादव, धमेन्द्र कुमार, योगेश त्रिपाठी, सादुल्लाह खां, अवधेश सिंह, मनिराम, संदीप, सतीश तिवारी, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहें।